Sunday , 18 April 2021

लद्दाख सीमा पर ताकत बढ़ा रहा चीन, रडारों व और अन्य हथियार बढ़ाए

वायुसेना प्रमुख बोले- किसी भी स्थिति से निपटने को भारत पूरी तरह तैयार

नई दिल्ली (New Delhi) . भारत और चीन के बीच तनाव का सिलसिला अभी थमा नहीं है. पूर्वी लद्दाख में चीन लगातार अपनी तैयारियों में इजाफा कर रहा है. ऐस में वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने चीन को चेतावनी देते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच सीधा टकराव चीन के लिए नुकसानदेह साबित होगा. उन्होंने कहा कि चीन ने पूर्वी लद्दाख में सीमा टकराव के मद्देनजर अपनी सेना के सहयोग के लिए रडारों, सतह से हवा में और सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें और अन्य हथियार भारी संख्या में तैनात किये. उन्होंने कहा कि लेकिन भारत ने भी स्थिति से निपटने के हर (जरूरी) कदम उठाए हैं.

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) अमेरिका का मुकाबला करने के लिए क्षमताएं विकसित करने में लगी है, जिसका भारत पर सुरक्षा प्रभाव हो सकता है. भदौरिया ने कहा कि चीन के लिए पूर्वी लद्दाख में सीमा टकराव पैदा करने की कई वजह हो सकती हैं जिनमें नई स्थिति से भारत के साथ बातचीत के लिए युद्ध जैसे हालात में अपने सैन्य ढांचे और तकनीक का तालमेल कायम करने का प्रयास शामिल हो सकता है. भदौरिया ने कहा कि हम सभी के लिए महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कोई भी बड़ा भारत-चीन संघर्ष चीन के लिए अच्छा नहीं है.

यदि चीन की आकांक्षाएं वैश्विक हैं तो यह उसकी बड़ी योजनाओं के लिए ठीक नहीं है. तब उत्तर में चीन की कार्रवाइयों का संभावित उद्देश्य क्या हो सकता है. यह समझना महत्वपूर्ण है. क्या यह उनकी पश्चिमी कमान के लिए युद्ध जैसी असल स्थिति में तैनाती और प्रशिक्षण था. क्या यह सैन्य प्रौद्योगिकियों की कमी का पता लगाकर उन्हें दूर करने की कवायद थी.भदौरिया ने कहा कि किसी भी स्थिति में जो कुछ हुआ, वह इन चीजों से ऊपर था, भले ही उसके शुरुआती उद्देश्य कुछ भी रहे हों. वायुसेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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