मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की दिल्ली को ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम ला रही रंग, बुधवार को शुरू हुए 27 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट और दो क्रायोजेनिक रिफिलिंग प्लांट – Daily Kiran
Thursday , 9 December 2021

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की दिल्ली को ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम ला रही रंग, बुधवार को शुरू हुए 27 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट और दो क्रायोजेनिक रिफिलिंग प्लांट

नई दिल्ली (New Delhi) . दिल्ली को ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के मुख्यमंत्री (Chief Minister) अरविंद केजरीवाल के संकल्प के सुखद परिणाम धरातल पर उतरने लगे हैं. केजरीवाल सरकार ने कोरोना के संभावित खतरे के मद्देनजर आज दिल्ली के सरकारी अस्प्तालों में 31 मीट्रिक टन क्षमता के 27 पीएसए प्लांट और 12 मीट्रिक टन क्षमता के दो क्रायोजेनिक ऑक्सीजन रिफिलिंग प्लांट का उद्घाटन किया. उपमुख्यमंत्री (Chief Minister) मनीष सिसोदिया ने पूर्वी दिल्ली के चाचा नेहरु बाल चिकित्सालय और डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान में क्रमशः 0.9 और 1.80 मीट्रिक टन क्षमता के दो पीएसए ऑक्सीजन प्लांट्स का उद्घाटन किया. जबकि स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने एलएनजेपी अस्पताल में तीन और भगवन महावीर अस्पताल में एक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन किया, जिनकी क्षमता क्रमशः 5.31 मीट्रिक टन और 1.80 मीट्रिक टन है. साथ ही, उन्होंने सिरस्पुर अस्पताल के पास 12 मीट्रिक टन क्षमता के दो क्रॉयोजेनिक रिफिलिंग प्लांट का भी उद्घाटन किया. इसके अलावा, विधायकों ने भी अपने- अपने इलाके में स्थापित पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का उदघाटन किया.

दिल्ली में कोरोना संक्रमण की दर में भारी कमी आने के बावजूद केजरीवाल सरकार इसके संभावित खतरे के मद्देनजर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए युद्धस्तर काम कर रही है. दिल्ली में ऑक्सीजन संकट पैदा न हो, इसके मद्देनजर केजरीवाल सरकार अपने सरकारी अस्पतालों को ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बना रही है. इस संबंध में उपमुख्यमंत्री (Chief Minister) मनीष सिसोदिया ने कहा कि केजरीवाल सरकार दिल्ली के किसी भी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं होने देगी. दिल्ली में संक्रमण की दर कम हुई है, लेकिन सरकार भविष्य में आने वाले किसी भी संकट से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है. दिल्ली सरकार, दिल्ली के अस्पतालों में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट्स लगा रही है, ताकि अस्पतालों की बाहर से ऑक्सीजन लेने की निर्भरता कम हो सके और आपातकाल के दौरान दूसरे अस्पताल भी इन प्लांट्स से ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिल करा सकें.

उपमुख्यमंत्री (Chief Minister) मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी मांग थी और कई मौकों पर अस्पतालों को ऑक्सीजन की किल्लत से जूझना पड़ा था. भविष्य में किसी भी संकट के दौरान ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए केजरीवाल सरकार, दिल्ली के अस्पतालों को ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बना रही है. साथ ही अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड्स भी बढ़ाए जा रहे हैं.

वहीं, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि आज 27 पीएसए प्लांट और दो क्रायोजेनिक ऑक्सीजन रिफिलिंग प्लांट की शुरुआत की गई है. कोरोना के मद्देनजर इन प्लांट्स को स्थापित किया गया है. इन पीएसए प्लांट की मदद से ऑक्सीजन के एक बड़े हिस्से का उत्पादन अब दिल्ली सरकार के अस्पतालों में ही किया जा सकेगा. इन 27 पीएसए प्लांट में से एलएनजेपी अस्पताल में 3 और भगवान महावीर अस्पताल में एक प्लांट की शुरुआत की गई. इनकी क्षमता 5.31 मैट्रिक टन और 1.80 मैट्रिक टन है.

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने आगे कहा कि केजरीवाल सरकार आने वाले त्यहारों के दौरान कोरोना के संक्रमण को रोकने को लेकर पूरी एहतियात बरत रही है. दिल्ली सरकार ने पहले ही ग्रेडेड रिस्पॉन्स सिस्टम को लागू कर दिया है. जिसके तहत जब दिल्ली में एक हजार टेस्ट किए जाने पर 5 लोग संक्रमित पाए जाएंगे, तो यह रिस्पॉन्स सिस्टम शुरू हो जाएगा. फिलहाल 10 हजार टेस्ट में से केवल 3 से 5 लोग ही संक्रमित पाए जा रहे हैं.

-दिल्ली सरकार की तरफ से लगाए जा रहे 73 पीएसए प्लांट
इससे पहले, मई 2021 को मुख्यमंत्री (Chief Minister) द्वारा 5 पीएसए संयंत्रों का उद्घाटन किया गया था और 12 जुलाई को 22 संयंत्रों का उद्घाटन किया गया था. दिल्ली सरकार के अस्पतालों में 77.80 मीट्रिक टन क्षमता वाले 73 पीएसए प्लांट लगाए जा रहे हैं. सभी संयंत्रों को नवंबर 2021 के अंत तक चालू कर दिया जाएगा. पीएम केयर्स फंड के तहत केंद्र सरकार (Central Government)के अस्पतालों में 22.50 मीट्रिक टन क्षमता के 10 संयंत्र चालू किए गए हैं और 7 अक्टूबर, 2021 को इसका उद्घाटन किया जाएगा. वहीं, स्वास्थ्य मंत्री, परिवहन मंत्री और समाज कल्याण मंत्री ने 31 मीट्रिक टन क्षमता के 27 पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों का उद्घाटन किया गया. स्वास्थ्य मंत्री ने सिरासपुर में 12.5 मीट्रिक टन क्षमता वाले दो बॉटलिंग प्लांट का भी उद्घाटन किया. यह 2 बॉटलिंग प्लांट 24 घंटे में 1400 जंबो सिलिंडर को भरने की क्षमता रखते हैं.

-सीएम अरविंद केजरीवाल ने ऑक्सीजन को लेकर खुद संभाला था मोर्चा
दिल्ली में पिछली लहर के दौरान जब अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी होने लगी, तब मुख्यमंत्री (Chief Minister) अरविंद केजरीवाल ने खुद मोर्चा संभाल लिया था. मुख्यमंत्री (Chief Minister) अरविंद केजरीवाल कई अस्पतालों का दौरा किए और पीएसए ऑक्सीजन प्लांट को स्थापित करने के लिए कड़े कदम उठाए. मुख्यमंत्री (Chief Minister) के दिशा निर्देशन में विभिन्न अस्पतालों में पीएसए ऑक्सीजन लगाने शुरू हुए और जून की शुरूआत में मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने 22 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन कर दिल्ली को ऑक्सीजन के मामले में आत्म निर्भर बनाने की तरफ कदम बढ़ाया. मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने इतनी बड़ी बीमारी से कुशलता पूर्वक लड़ने के लिए सभी से सहयोग लिया. मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने दिल्ली के दो करोड़ लोगों के साथ मिल कर न सिर्फ कोरोना को नियंत्रित करने में सफलता पाई है, बल्कि भविष्य में आने वाली किसी भी परिस्थिति में दिल्ली को ऑक्सीजन की कमी न हो, इसके लिए दिल्ली को आत्म निर्भर भी बना रहे हैं.
-आज इन पीएसए ऑक्सीजन प्लांट्स का किया गया उद्घाटन
1) चाचा नेहरु बाल चिकित्सालय में 0.9 मैट्रिक टन का 1 पीएसए प्लांट का उद्घाटन उप-मुख्यमंत्री (Chief Minister) मनीष सिसोदिया ने किया
2) डॉ हेडगेवार अस्पताल में 1.80 मैट्रिक टन का 1 पीएसए प्लांट का उद्घाटन उप-मुख्यमंत्री (Chief Minister) मनीष सिसोदिया ने किया
3) एलएनजेपी अस्पताल में 5.31 मैट्रिक टन की कुल क्षमता के 3 पीएसए प्लांट का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने किया
4) भगवान महावीर अस्पताल में 1.80 मैट्रिक टन की कुल क्षमता के 1 पीएसए प्लांट का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने किया
5) राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 3.60 मैट्रिक टन की कुल क्षमता के 2 पीएसए प्लांट का उद्घाटन राम निवास गोयल ने किया
6) गुरु तेग बहादुर अस्पताल में 1.80 मैट्रिक टन के 1 पीएसए प्लांट का उद्घाटन राजेंद्र पल गौतम ने किया
7) राव तुला राम अस्पताल में 0.90 मैट्रिक टन के 1 पीएसए प्लांट का उद्घाटन कैलाश गहलोत ने किया
8) बुराड़ी अस्पताल में 0.90 मैट्रिक टन के 1 पीएसए प्लांट का उद्घाटन संजीव झा ने किया
9) दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में 1.26 मैट्रिक टन के 1 पीएसए प्लांट का उद्घाटन विधायक राज कुमारी ढिल्लों ने किया
10) डॉ बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल में 0.90 मैट्रिक टन के 1 पीएसए प्लांट का उद्घाटन विधायक मोहिंदर गोयल ने किया
11) सत्यवती राजा हरीश चन्द्र अस्पताल में 1.26 मैट्रिक टन की कुल क्षमता के 3 पीएसए प्लांट का उद्घाटन विधायक शरद चौहान ने किया
12) आंबेडकर नगर अस्पताल में 1.08 मैट्रिक टन के 1 पीएसए प्लांट का उद्घाटन विधायक अजय दत्त ने किया
13) दादा देव मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में 0.90 मैट्रिक टन के 1 पीएसए प्लांट का उद्घाटन विधायक गुलाब सिंह ने किया
14) जनकपुरी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 2.70 मैट्रिक टन की कुल क्षमता के 3 पीएसए प्लांट का उद्घाटन विधायक राजेश ऋषि ने किया
15) आचार्य भिक्षु अस्पताल में 1.80 मैट्रिक टन की कुल क्षमता के 1 पीएसए प्लांट का उद्घाटन विधायक शिव चरण गोयल ने किया
16) महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में 1.80 मैट्रिक टन की कुल क्षमता का 1 पीएसए प्लांट का उद्घाटन विधायक जय भगवन ने किया
17) अरुणा असफ अली अस्पताल में 0.27 मैट्रिक टन की क्षमता के 1 पीएसए प्लांट का उद्घाटन विधायक परलाद सिंह साहनी ने किया
18) इंदिरा गांधी अस्पताल में 2.70 मैट्रिक टन की कुल क्षमता के 3 पीएसए प्लांट का उद्घाटन विनय मिश्र ने किया
19) सिरस्पुर अस्पताल में 12 मैट्रिक टन की कुल क्षमता के 2 क्रायोजेनिक रिफिलिंग प्लांट का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने किया
-केजरीवाल सरकार, दिल्ली को ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए लाई है पॉलिसी
केजरीवाल सरकार ने दिल्ली को ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगस्त की शुरूआत में मेडिकल ऑक्सीजन प्रोडक्शन प्रमोशन पॉलिसी- 2021 को मंजूरी दी थी. केजरीवाल सरकार की पूरी कोशिश है कि भविष्य में किसी भी मेडिकल इमरजेंसी (Emergency) से निपटने के लिए दिल्ली को मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जा सके. मेडिकल ऑक्सीजन प्रोडक्शन प्रमोशन पॉलिसी-2021 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र लगाने, भंडारण सुविधाएं और ऑक्सीजन टैंकर स्थापित करने के क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर को कई प्रोत्साहन प्रदान करती है. यह पॉलिसी दिल्ली में ऑक्सीजन की उपलब्धता में सुधार करने में मदद करेगी, जो पिछली कोविड-19 (Covid-19) लहर को संभालने में एक बड़ी बांधा बन गई थी. यह पॉलिसी भविष्य में किसी भी मेडिकल इमरजेंसी (Emergency) की स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली को मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बनाई गई है.
-मेडिकल ऑक्सीजन प्रोडक्शन प्रमोशन पॉलिसी- 2021 का उद्देश्य-
1- दिल्ली को चिकित्सा ऑक्सीजन उत्पादन और आपूर्ति के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है. यह पॉलिसी दिल्ली में या तो नए विनिर्माण उद्यमों की स्थापना के माध्यम से ऑक्सीजन के उत्पादन में वृद्धि करके कोविड-19 (Covid-19) या अन्य कारणों से स्वास्थ्य संकट के दौरान अस्पतालों या नर्सिंग होम में निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए मौजूदा इकाइयों में उत्पादन क्षमता का विस्तार करके किया जाएगा.
2- दिल्ली में मेडिकल ऑक्सीजन के भंडारण और परिवहन की सुविधा को बढावा देना.
पॉलिसी का लक्ष्य-
मेडिकल ऑक्सीजन प्रोडक्शन प्रमोशन पॉलिसी- 2021 का उद्देश्य निम्नलिखित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करना है-
1 – कुल 100 मीट्रिक टन तक न्यूनतम 50 मीट्रिक टन क्षमता की तरल ऑक्सीजन (एलओएक्स) विनिर्माण सुविधाओं की स्थापना.
2 – न्यूनतम 10 मीट्रिक टन के गैर-कैप्टिव ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों (पीएसए/एयर सेपरेशन यूनिट प्रौद्योगिकी) और कुल 100 मीट्रिक टन तक अधिकतम 50 मीट्रिक टन क्षमता की स्थापना.
3 – अस्पतालों और नर्सिंग होम में न्यूनतम 500 एलपीएम क्षमता के कैप्टिव ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट (पीएसए/एयर सेपरेशन यूनिट टेक्नोलॉजी) की स्थापना, ताकि 200 मीट्रिक टन की कुल क्षमता तक मेडिकल ऑक्सीजन की उनकी अधिकतम मांग को पूरा किया जा सके.
4 – 500 मीट्रिक टन की कुल क्षमता तक तरल चिकित्सा ऑक्सीजन ढोने के विशेष उद्देश्य से 10 मीट्रिक टन की न्यूनतम वहन क्षमता के क्रायोजेनिक टैंकरों की स्थापना.
5 – 1000 मीट्रिक टन की कुल क्षमता तक न्यूनतम 10 मीट्रिक टन क्षमता के एलएमओ भंडारण टैंकों की स्थापना.
 

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