आतंकी संगठनों का वर्किंग स्टाइल बदला, स्थानीय युवकों के द्वारा कर रहे हत्याएं – Daily Kiran
Saturday , 4 December 2021

आतंकी संगठनों का वर्किंग स्टाइल बदला, स्थानीय युवकों के द्वारा कर रहे हत्याएं

नई दिल्ली (New Delhi) . जम्मू-कश्मीर में महज 14 दिनों के भीतर 11 आम नागरिकों कीहत्या (Murder) की वजह से सुरक्षा हालात को लेकर चिंता बढ़ गई है.कश्मीर में इनदिनों पाकिस्तान प्रायोजित छद्म आतंकी संगठन सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं.ये छद्म संगठन पाकिस्तान स्थित बड़े आंतकी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा, हिज्बुल मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद के फ्रंटल संगठन हैं.खुफिया विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आतंकी संगठनों ने अपनी पारंपरिक वर्किंग स्टाइल बदल दी है.छद्म संगठनों का इस्तेमाल पाकिस्तान न सिर्फ भारत बल्कि अफगानिस्तान में भी कर रहा है.आतंक फैलाने की ये उसके लिए सबसे सुरक्षित रणनीति है. बड़े आतंकी संगठनों को अपने आतंकवादी भेजने की जरूरत नहीं पड़ती यहां तक कि उन्हें बड़े हथियार भी नहीं भेजने पड़ते है. छद्म संगठन बेहद पारंपरिक हथियार जैसे पिस्टल का इस्तेमाल कर रहे हैं.
ये छद्म संगठन कश्मीरी युवाओं के साथ मिलकर काम करते हैं. जिला कमांडर ऑनलाइन सेशन के जरिए कश्मीरी युवाओं को किलिंग और वेपन ट्रेनिंग दे रहे हैं.स्थानीय युवाओं को इस्तेमाल इसकारण रहा है, क्योंकि वहां कश्मीर की स्थितियों से भलीभांति वाकिफ हैं.इसतरह के कई संगठन इस वक्त कश्मीर में हिंसा की घटनाओं में संलिप्त हैं.

आतंकी संगठन टीआरएफ को पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा का फ्रंट माना जाता है.टीआरएफ ने जम्‍मू-कश्‍मीर में हिंदुओं और सिखों को निशाना बनाते हुए हमले तेज कर दिए हैं.सूत्रों के मुताबिक बीते दिनों में टीआरएफ के ओवरग्राउंड वर्कर्स पूरी तरह मुख्य काडर में तब्दील हो चुके हैं और लोगों की निशाना बनाकरहत्या (Murder) कर रहे हैं.रजिस्टेंस फ्रंट इस वक्त कश्मीर में मुख्य छद्म आतंकी संगठन है.
यूएलएफ भी अल बद्र संगठन का छद्म संगठन है.इसका हेड युसुफ बलोच है.शुरुआत में संगठन की शुरुआत प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए हुई थी लेकिन अब इसने अपनी जड़ें जमा ली हैं.इस संगठन के कमांडर अंजुम गुलजार को गिरफ्तार कर लिया गया था.अब खुफिया एजेंसियों का कहना है कि संगठन ने एक नए कमांडर की नियुक्ति की है. जैश ए मोहम्मद का छद्म आतंकी संगठन लश्कर ए मुस्तफा है.इसकी शुरुआत अबु इस्माइल ने की थी.शोपियां का हियादतुल्ला मलिक इसका पहला कमांडर था.जम्मू-कश्मीर पुलिस (Police) ने मलिक को फरवरी 2021 में गिरफ्तार कर लिया था.इसके बाद में एनआईए ने उस पर चार्जशीट फाइल की थी.

Check Also

शनिश्चरी अमावस्या एवं सूर्य ग्रहण आज एक साथ; भारत में नहीं दिखेगा सूर्य ग्रहण का असर

भोपाल (Bhopal) . आज शनिश्चरी अमावस्या एवं सूर्यग्रहण एक साथ है. इस अवसर पर राजधानी …