Tuesday , 13 April 2021

स्वच्छता सर्वे में बदलाव

जबलपुर, 04 जनवरी . स्वच्छ सर्वेक्षण में ओडीएफ डबल प्लस लेने के लिए नगर निगम को फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट लगाना जरूरी होगा. नगरीय प्रशासन ने नगर निगम और नगरीय निकायम को इसकी व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं. सर्वेक्षण में कम समय बचने से छोटे निकायों को इसका विकल्प भी सुझाया गया है. इसमें उन्हें डीप रो इनट्रेंचमेंट (डीआरई) मॉडल अपनाने को कहा गया है. 20 हजार से कम जनसंख्या वाले निकायों में यह विकल्प अपनाया जा सकता है. सेप्टिक टैंक के मल-जल के ट्रीटमेंट के लिए यह प्लांट लगाए जाते हैं.बहुत से निकायों में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट लग चुके हैं. नगरीय प्रशासन को उम्मीद है कि इस साल ज्यादा से ज्यादा निकायों में यह व्यवस्था हो जाएगी. जिन स्थानों पर सीवेज लाइन पड़ी हुई हैं, वहां इसकी जरूरत नहीं है. स्वच्छ सर्वेक्षण में ओडीएफ डबल प्लस के 500 अंक निर्धारित हैं.

क्यों जरूरी है ट्रीटमेंट प्लांट…………

सेप्टिक टैंक का सीवेज सामान्य सीवेज से करीब 10 गुना (guna) खतरनाक होता है. सामान्य सीवेज में बीओडी (बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड) 300 से 350 तक होता है, वहीं सेप्टिक टैंक के सीवेज में इसकी मात्रा 3 हजार से 3 हजार 500 तक होती है. इसके साथ ही टैंक से निकले फीकल स्लज के निपटान की व्यवस्था भी ठीक नहीं होने से नुकसान होता है.

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