चंद्रबाबू नायडू ने दक्षिण में जताई घटती जन्म दर पर चिंता, पीएम मोदी की कार्यशैली को सराहा

New Delhi, 7 मार्च . आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने Saturday को रायसीना डायलॉग 2026 में India की सहिष्णुता, संवाद और सहयोग की परंपरा का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कि यही मूल्य आज भी देश के विकास का मार्गदर्शन कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, “India में सहिष्णुता और संवाद की बहुत समृद्ध परंपरा रही है. आज राज्य Governmentें और केंद्र Government मिलकर सहकारी संघवाद के जरिए काम कर रही हैं.”

सीएम नायडू ने कहा कि इस सहयोग की वजह से India की अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा, “India की अर्थव्यवस्था पहले से ही सात प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रही है और भविष्य में इसके दस प्रतिशत से भी अधिक की दर से बढ़ने की संभावना है.”

उन्होंने Prime Minister Narendra Modi की कार्यशैली की भी सराहना की और शासन में सहमति बनाने के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा, “हमारे Prime Minister महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनाने पर ध्यान देते हैं. नीतियों में स्थिरता और सहमति बनाना लंबे समय के विकास के लिए बहुत जरूरी है.”

अपने लंबे Political अनुभव का जिक्र करते हुए सीएम नायडू ने कहा कि स्थिर नीतियां और आपसी सहयोग ही टिकाऊ विकास और वैश्विक शांति के लिए जरूरी हैं. उन्होंने कहा, “यह सिर्फ अपने हितधारकों को संतुष्ट करने की बात नहीं है. पूरी दुनिया को भी भरोसा और खुशी महसूस होनी चाहिए.”

इसी कार्यक्रम में सीएम चंद्रबाबू नायडू ने दक्षिण India में घटती जन्म दर पर चिंता जताई और आंध्र प्रदेश की नई जनसंख्या प्रबंधन नीति के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा, “दुनिया के कई देश पहले से ही बुजुर्ग आबादी की समस्या का सामना कर रहे हैं. India के पास अभी जनसंख्या लाभ (डेमोग्राफिक डिविडेंड) का फायदा है, जो 2047 तक रहेगा.

उन्होंने कहा कि India में जनसंख्या संतुलन बनाए रखने के लिए औसत जन्म दर 2.1 होनी चाहिए और फिलहाल यह लगभग 2.2 है लेकिन दक्षिण India में यह लगभग 1.5 है, जो काफी कम है.”

सीएम नायडू ने कहा, “पहली बार किसी राज्य Government ने जनसंख्या प्रबंधन नीति शुरू की है. अगर किसी परिवार में दूसरा बच्चा होता है, तो राज्य Government बच्चे के जन्म के समय 25000 रुपए की मदद देगी. तीसरे बच्चे के लिए पांच साल तक हर महीने 1000 रुपए दिए जाएंगे, ताकि पोषण और बच्चे के विकास में मदद मिल सके.”

उन्होंने माता-पिता को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा, “हम एक साल की मातृत्व अवकाश दे रहे हैं. पुरुषों को भी बच्चे की देखभाल के लिए एक या दो महीने की छुट्टी मिलेगी. बच्चों की परवरिश दोनों की जिम्मेदारी है. पति और पत्नी दोनों को इसे बराबरी से निभाना चाहिए.”

एएमटी/वीसी

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