चमक का ‘गे’ किरदार कइयों ने ठुकराया, मैंने बेहिचक निभाया : मोहित मलिक

मुंबई, 4 जनवरी . वेब सीरीज ‘चमक’ में सामाजिक दबावों से जूझ रहे एक समलैंगिक व्यक्ति की भूमिका निभा रहे अभिनेता मोहित मलिक ने कहा, “इस सीरीज में किरदार निभाने में किसी तरह की हिचकिचाहट नहीं थी.”

उन्होंने कहा, “चमक को लेकर मेरे मन में कोई संकोच नहीं था. वास्तव में मेरे निर्देशक को इस बात पर संकोच था कि मैं यह करूंगा या नहीं. उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं इसे करूंगा, क्योंकि कई अभिनेताओं ने मना कर दिया था. लेकिन मैंने इसे एक बेहतरीन अवसर के रूप में देखा. अगर किसी ने मना किया है तो यह उनका नुकसान था.

अभिनेता ने बताया कि उनके किरदार के ग्राफ में बदलाव आया है.

” मुझे उम्मीद है कि लोग सीजन 2 में उसकी कहानी से जुड़ पाएंगे.” क्योंकि, उस व्यक्ति ने अपने जीवन में बहुत कुछ सहा है.

इस वेब सीरीज में गुरु की भूमिका को निभाने के लिए अभिनेता मोहित के लिए किरदार की मानसिकता को समझना आवश्यक था.

अभिनेता ने कहा, “मेरी प्रक्रिया हमेशा आंतरिक रूप से शुरू होती है. चरित्र के सभी पहलुओं को समझना. एक बार जब करेक्टर में ढल जाते हैं तो आप इसे अच्छे से प्रस्तुत कर सकते हैं.

इस साल उन्हें प्रेरित करने वाले प्रदर्शनों के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा: “विजय सेतुपति एक शानदार कलाकार हैं. मैंने नेटफ्लिक्स पर अमरान में साई पल्लवी की भी प्रशंसा की. उन्होंने इस साल बेहतरीन प्रदर्शन किया है.”

उन्होंने दक्षिण की प्रतिभाओं के प्रदर्शन की प्रशंसा की और कहा कि इससे अधिक “जुड़ाव” महसूस होता है.

“उनकी फिल्में सफल होती हैं क्योंकि उनका उद्देश्य स्पष्ट होता है, बॉलीवुड के विपरीत, जहां अक्सर दिखावे पर बहुत अधिक ध्यान दिया जाता है.”

अपने पिछले किरदारों को फिर से निभाने के बारे में बात करते हुए मोहित ने कहा कि वह अज्ञात क्षेत्र में जाना चाहेंगे.

उन्होंने कहा, “मैं एक ही भूमिका दोबारा नहीं निभाना चाहता. मैं ऐसा कुछ करना चाहता हूँ जो मैंने पहले नहीं किया हो.”

मोहित को ‘डोली अरमानों की’, ‘कुल्फी कुमार बाजेवाला’ और ‘बातें कुछ अनकही सी’ में उनकी भूमिकाओं के लिए जाना जाता है.

उन्होंने टीवी शो मिली से टेलीविजन पर डेब्यू किया. इसके बाद उन्होंने बेटियां अपनी या पराया धन, परी हूं मैं, बनूं मैं तेरी दुल्हन, गोद भराई, दुर्गेश नंदिनी, मन की आवाज प्रतिज्ञा और फुलवा जैसे कई टीवी शो किए.

डीकेएम/केआर