नई दिल्ली, 2 अप्रैल . सर्वाइकल, पीरियड या माइग्रेन पेन का इलाज हमारी रसोई में ही मौजूद होता है. इसका ‘हल्दी पानी’ के बारे में जिसे ‘सुनहरा जल’ या ‘पीला पानी’ भी कहा जाता है. हल्दी के एंटी एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण इम्युनिटी बढ़ाते हैं और कई विकारों को दूर करते हैं.
पंजाब स्थित बाबे के आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के बीएएमएस, एमडी डॉक्टर प्रमोद आनंद तिवारी ने बताया कि खाने में इस्तेमाल होने वाली हल्दी बड़े कमाल की चीज है और यह दर्द निवारक भी है. उन्होंने बताया कि हल्दी का आयुर्वेद में काफी महत्व है. यह दर्द से निजात दिलाने के साथ ही कई खतरनाक बीमारियों से भी बचाती है.
डॉक्टर तिवारी ने बताया, “आज के समय में हमारी अनियमित दिनचर्या, मोबाइल, गैजेट्स पर बढ़ती निर्भरता की वजह से माइग्रेन और सर्वाइकल के साथ ही महिलाओं को होने वाली मासिक धर्म दर्द आम बात बन चुकी है, लेकिन इन तकलीफों से उबारने में हल्दी पानी कारगर है. इसके लिए रोजाना सुबह खाली पेट और रात में सोने से पहले 1 गिलास हल्दी वाला पानी जरूर पीना चाहिए.”
आयुर्वेदाचार्य ने समझाते हुए विस्तार से बताया, “हल्दी में करक्यूमिन पाया जाता है, जो शरीर में होने वाली सूजन को कम करता है और शरीर के कई तरह के संक्रमण से बचाव भी करता है. दरअसल, सर्वाइकल में गर्दन और उसके नीचे के हिस्सों में सूजन हो जाती है. माइग्रेन में सूजन और जकड़न और मासिक धर्म के दौरान महिलाओं के पेट और उसके नीचे के हिस्सों में अकड़न और सूजन हो जाती है, जिस वजह से असहनीय दर्द होता है. ऐसे में हल्दी पानी का सेवन काफी फायदेमंद हो सकता है और यह पीते ही राहत मिलती है. यदि इसका नियमित सेवन किया जाए तो समस्या धीरे-धीरे पूरी तरह से खत्म भी हो सकती है.”
उन्होंने यह भी समझाया कि इसका सेवन कैसे किया जाना चाहिए. आयुर्वेदाचार्य ने बताया, “एक गिलास पानी में एक चुटकी हल्दी का पाउडर मिला लें और हल्का गर्म कर सुबह खाली पेट पी लें. वहीं, रात में सोने से पहले यह पीना चाहिए. हल्दी पानी पीने के लगभग आधा घंटे तक कुछ खाने या पीने से परहेज करना चाहिए.”
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एमटी/केआर