नोएडा : वायु प्रदूषण और सीवर सफाई के लिए नई तकनीक से लैस मशीनरी को सीईओ ने दिखाई हरी झंडी

नोएडा, 3 अप्रैल . राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत नोएडा प्राधिकरण को 10 ट्रक माउंटेड एंटी स्मॉग गन मशीनें प्राप्त हुई हैं, जिन्हें मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) लोकेश एम. ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके अलावा, एचसीएल फाउंडेशन द्वारा सीएसआर फंड से दी गई एक होमोसेप रोबोट सीवर क्लीन मशीन भी नोएडा प्राधिकरण को सौंपी गई है.

नोएडा में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 10 ट्रक माउंटेड एंटी स्मॉग गन मशीनें तैनात की गई हैं. प्रत्येक मशीन की पानी की क्षमता 7,000 लीटर है और इसमें दोनों साइड तथा सामने स्प्रिंकलर लगे हैं, जो 30 मीटर तक पानी का छिड़काव कर सकते हैं. इसके अलावा, पीछे एक एंटी स्मॉग गन भी लगाई गई है. इन मशीनों का उपयोग पेड़ों, फुटपाथ और सार्वजनिक शौचालयों की धुलाई के साथ-साथ अन्य सफाई कार्यों में किया जाएगा.

नोएडा प्राधिकरण ने प्रत्येक वर्क सर्किल को एक-एक मशीन आवंटित की है, ताकि पूरे क्षेत्र में वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके. इन मशीनों की कुल लागत 3,62,73,000 (तीन करोड़ बासठ लाख तिहत्तर हजार) है, जबकि एक मशीन की कीमत 36,27,000 (छत्तीस लाख सत्ताईस हजार) है. एचसीएल फाउंडेशन द्वारा दी गई होमोसेप रोबोट सीवर क्लीन मशीन नोएडा में सीवर मैनहोल की सफाई के लिए तैनात की गई है. इस अत्याधुनिक मशीन से सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और सीवर जाम जैसी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सकेगा.

इस मशीन की लागत 45 लाख है. नोएडा प्राधिकरण का यह प्रयास शहर में वायु प्रदूषण को कम करने और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायक साबित होगा. एनसीएपी योजना के तहत वायु गुणवत्ता सुधारने और एचसीएल फाउंडेशन के सहयोग से सीवर सफाई को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का यह कदम नोएडा को एक स्वच्छ और सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.

पीकेटी/एएस