नोएडा, 16 दिसंबर . नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने बुजुर्ग दंपति के कार्य में देरी करने पर आवासीय विभाग के अधिकारियों पर एक्शन लिया. उन्होंने विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आधा घंटे तक खड़े होकर काम करने की सजा दी. सजा की मॉनिटरिंग सीसीटीवी के जरिए भी की. सजा पूरी होने के बाद सभी अधिकारियों को बैठने के निर्देश जारी किए गए.
सीईओ का यह आदेश प्राधिकरण में चर्चा का विषय बन गया है. कर्मचारियों और अधिकारियों ने खड़े होकर काम किया और इसकी निगरानी सीसीटीवी से भी की गई. सजा पूरी होने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों को बैठने के निर्देश दिए गए.
यह मामला एक बुजुर्ग आवंटी से जुड़ा है. इनके आवास से संबंधित काम में विलंब होने के कारण वह निराश थे. आवंटी का कहना था कि कई बार विभाग से संपर्क करने के बावजूद उनके मामले में कोई प्रगति नहीं हुई, इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा. यह बात जब सीईओ लोकेश एम. तक पहुंची, तो उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप किया और अधिकारियों को जिम्मेदारी का अहसास दिलाया.
सीईओ के आदेश के बाद आवासीय विभाग के कर्मचारियों को बिना किसी ब्रेक के आधे घंटे तक खड़े रहने का फरमान सुनाया गया. यह कदम अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच एक संदेश देने के लिए था, इससे वे अपने कार्यों को समय पर और प्रभावी ढंग से पूरा कर सकें.
इस घटना के बाद से विभागीय कर्मचारियों के बीच यह चर्चा बनी हुई है कि अगर दोबारा किसी के साथ ऐसा किया तो फिर से सजा मिल सकती है. हालांकि, सवाल यह भी है कि इस सजा के बाद क्या कार्यशैली में सुधार होगा या नहीं.
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पीकेटी/एबीएम