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Thursday, 29 October 2026
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सेंट्रल एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी पूर्वोत्तर के लिए इनोवेशन की मिसाल : मिजोरम के राज्यपाल

सेंट्रल एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी पूर्वोत्तर के लिए इनोवेशन की मिसाल : मिजोरम के Governor

आइजोल, 22 जून . मिजोरम के गवर्नर विजय कुमार सिंह (रिटायर्ड) ने Monday को इंफाल स्थित सेंट्रल एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (सीएयू) की तारीफ करते हुए इसे पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए कृषि क्षेत्र में इनोवेशन और उत्कृष्टता का केंद्र बताया. उन्होंने आठ राज्यों में कृषि अनुसंधान, शिक्षा और टिकाऊ विकास को आगे बढ़ाने में यूनिवर्सिटी की अहम भूमिका पर जोर दिया.

Governor ने 22 से 24 जून, 2026 तक होने वाली सीएयू की तीन अहम बैठकों का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया.

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रिसर्च, एक्सटेंशन एजुकेशन और एकेडमिक – ये तीनों काउंसिल लैब के काम, फील्ड में काम और क्लासरूम की पढ़ाई को पूरी तरह से कवर करती हैं, जो “लैब से जमीन तक” शिक्षा के मूल विचार को दर्शाती हैं.

उन्होंने सीएयू के पॉलिसी डॉक्यूमेंट ‘मिजोरम की अर्थव्यवस्था में बदलाव: 2047 तक 540 मिलियन यूएस डॉलर से 6,394 मिलियन यूएस डॉलर’ की तारीफ की.

उन्होंने कहा कि अगर सभी संबंधित लोग सिर्फ उत्पादन के बजाय किसानों की आमदनी पर ध्यान दें, तो मिजोरम की खेती पर आधारित अर्थव्यवस्था में यह बदलाव आ सकता है.

उन्होंने खेती के विकास में जिलों और समुदायों की भूमिका साफ करने और सबको साथ लेकर चलने (इनक्लूसिविटी) की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.

खेती और उससे जुड़े सेक्टर को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए सिंह ने कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय विजन को साकार करने में वे अहम भूमिका निभा सकते हैं.

किसानों की भलाई के लिए केंद्र Government की पहलों की तारीफ करते हुए उन्होंने वैज्ञानिकों, फैकल्टी, रिसर्चर्स और किसानों के बीच बेहतर सहयोग की अपील की.

उन्होंने उनसे टेक्नोलॉजी के विकास के साथ-साथ वैल्यू एडिशन, एंटरप्रेन्योरशिप, टिकाऊ आजीविका, मार्केट से जुड़ाव और पर्यावरण के अनुकूल तरीकों पर ध्यान देने को कहा.

सिंह ने सीएयू के वैज्ञानिकों की तारीफ की और आगे भी मदद का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा, “नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र और एक समृद्ध ‘विकसित भारत’ का भविष्य आपकी लैब में तैयार होगा, आपकी क्लास में पढ़ाया जाएगा और हमारे खेतों में उसकी फसल काटी जाएगी.”

सीएयू के वाइस-चांसलर अनुपम मिश्रा ने यूनिवर्सिटी को India के प्रमुख कृषि संस्थानों में से एक बताया और नॉर्थ-ईस्ट की विविधता से मिलने वाले मौकों पर रोशनी डाली.

उन्होंने बताया कि सीएयू इस क्षेत्र में 13 कॉलेज, 6 कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), 6 मल्टी-टेक्नोलॉजी टेस्टिंग सेंटर और 6 वोकेशनल ट्रेनिंग और टेस्टिंग सेंटर चलाता है.

इस कार्यक्रम के दौरान, सिंह ने कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस, तुरा (मेघालय) द्वारा विकसित टेक्नोलॉजी – स्ट्रॉबेरी जैम, लीची जैम और मैंगो किंग चिली सॉस – प्राइम रूरल, शिलांग को सौंपी.

उन्होंने कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस, तुरा और आईसीएआर-सीआईसीआर, नागपुर द्वारा मिलकर विकसित किए गए चार ‘कोमिला कॉटन मेडिटेक’ प्रोडक्ट भी लॉन्च किए. आइजोल, सैतुअल, सेरछिप और चम्फाई जिलों के किसानों को लैवेंडर और धनिया के बीज बांटे गए और सीएयू के सात प्रकाशन जारी किए गए.

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एससीएच

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