Thursday , 3 December 2020

यूपी के हैवान इंजीनियर से पूछताछ के लिए चित्रकूट पहुंची CBI टीम


चित्रकूट . 50 बच्चों के यौन शोषण मामले की जांच कर रही CBI टीम के आठ अफसर चित्रकूट पहुंच गए हैं. सूत्रों का कहना है कि अफसरों ने सिंचाई विभाग के इंजीनियरों और कर्मचारियों को गेस्ट हाउस बुलाया है. देर रात तक सिंचाई विभाग का कोई अफसर या कर्मचारी CBI अफसरों के पास नहीं पहुंचा था. अधिकारियों को आने को कहा गया है. माना जा रहा है कि आरोपी ‘हैवान इंजीनियर’ जेई राम भवन की गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में उजागर हुए तथ्यों की पुष्टि के लिए टीम दोबारा चित्रकूट पहुंची है. अभी तक बांदा और चित्रकूट जिलों में बच्चों के यौन शोषण का कोई मुकदमा दर्ज नहीं है. ऐसे में CBI टीम जेई की हरकतों के शिकार बने बच्चों को भी तलाश करेगी. फिलहाल CBI के पास जेई से बरामद मोबाइलों में तमाम पोर्न वीडियो मिले हैं.

अब उन बच्चों व उनके परिजनों को तलाशने की चुनौती होगी. उनके बयान इस केस में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे, लिहाजा CBI ने गिरफ्तारी के फौरन फिर से चित्रकूट में डेरा डाल दिया है. राम भवन बांदा जिले के नरैनी के खरौंच गांव का रहने वाला है. इस परिवार ने गांव से आकर नरैनी के अतर्रा रोड स्थित पावर हाउस के निकट घर बना लिया है. इस घर में रामभवन के बड़े भाई रामप्रकाश और राजा रहते हैं. पिता चुन्ना प्रसाद की मृत्यु हो चुकी है. मंगलवार (Tuesday) की रात उसके भाई सपरिवार घर में मौजूद थे पर पुकारने पर नहीं निकले. पड़ोसियों ने बताया कि सुबह से ही घर में चहल-पहल नहीं है.

संभवत: उन्हें रामभवन की गिरफ्तारी की जानकारी हो गई है. वे किसी से बात करने के इच्छुक नहीं है. रामभवन की गिरफ्तारी की सूचना सार्वजनिक होने के बाद उसकी पत्नी दुर्गावती ने कर्वी स्थित किराए के घर में खुद को बंद कर लिया है. मकान मालिक ने बताया कि पिछले छह-सात वर्ष से जेई सपत्नीक यहां रह रहे हैं. उनकी कोई संतान नहीं है. वह बांदा जिले के नरैनी कस्बे में बाजार मोहल्ले के रहने वाले हैं. अब तक मुझे इनकी कोई शिकायत नहीं मिली. गिरफ्तारी की सूचना के बाद से पत्नी ने खुद को घर में बंद कर लिया है. बहतु प्रयास करने पर भी वह बात करने को राजी नहीं हुई. जेई की उम्र करीब 45 साल है. विभागीय लोगों के मुताबिक रामभवन की तैनाती कर्वी में 2009-10 में हुई थी. उसकी शादी 2004 में दुर्गावती देवी के साथ हुई थी. वह पहली बार 2 नवंबर को चर्चा में आया, जब CBI की गाजियाबाद (Ghaziabad) (Ghaziabad) शाखा की टीम ने छापा मारा. टीम चार दिन तक चित्रकूट में डेरा डाले रही.

पहले दिन CBI अफसरों ने सिंचाई विभाग निर्माण खंड में तैनात सहायक अभियंता राम प्रसाद से जूनियर इंजीनियर रामभवन के बारे में जानकारी ली. उन्हीं के माध्यम से राम भवन को बुलवाया. उसके ड्राइवर अभय को भी पकड़ा. दोनों से पूछताछ की. अगली सुबह टीम ने मंदाकिनी पुल के पास सिंचाई विभाग की कालोनी पहुंच कर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली. विभागीय लोगों में चर्चा थी कि आठ साल पहले एक महिला की खुदकुशी के मामले में पूछताछ हो रही है. लेकिन अगले दिन चर्चा फैली कि मामला अश्लील वीडियो इंटरनेट पर अपलोड करने का है. चार नवंबर की शाम तमाम कर्मचारियों से पूछताछ करने के बाद CBI टीम राम भवन को लेकर चित्रकूट से रवाना हो गई थी.