Wednesday , 16 June 2021

बैंकों में 555 रुपये करोड़ का घोटाले को लेकर CBI टीम ने कांगड़ा में की छापेमारी

धर्मशाला . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नई दिल्ली (New Delhi) स्थित यूनियन बैंक (Bank) ऑफ इंडिया के पूर्व निगम बैंक (Bank) (लीड बैंक) की एक शिकायत पर एक निजी कंपनी और उसके निदेशकों समेत कुछ अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इसी सिलसिले में CBI ने कांगड़ा में दस्तक दी.

दरअसल शिकायत में आरोप ये लगाया गया था कि निजी कंपनी ने अपने निदेशकों के माध्यम से दूसरों के साथ मिलकर साजिश रचने के लिए तात्कालीन कॉर्पोरेशन बैंक (Bank) (अब यूनियन बैंक), तत्कालीन स्टेट बैंक (Bank) ऑफ हैदराबाद (अब स्टेट बैंक (Bank) ऑफ इंडिया), पंजाब (Punjab) नेशनल बैंक, पंजाब (Punjab) एंड सिंध बैंक (Bank) के बैंकों के एक संघ को धोखा दिया है. यूको बैंक, सिंडिकेट बैंक, सेंट्रल बैंक (Bank) ऑफ इंडिया, करूर व्यास बैंक (Bank) और जेएम फाइनेंशियल एआरसी के आधार पर गलत बयानी, झूठे दस्तावेजों की बदौलत यूनियन बैंक (Bank) ऑफ इंडिया समेत तमाम बैंकों के संघ को करीब 555.65 करोड़ रुपयों की हानि का सामना करना पड़ा.

इस आधार पर अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की ओर से अब आरोपी फर्म के अलग अलग ठिकानों पर लगातार छपेमारी की है. CBI प्रवक्ता के बयान में हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)के कांगड़ा का भी जिक्र किया गया है कि उनकी ओर से आरोपी फर्म की कांगड़ा स्थित शाखाओं में भी छपेमारी करने की बात कही गई है. जहां से जरूरी और गुप्त दस्तावेज़ हासिल करने का भी ज़िक्र किया गया है. हालांकि कांगड़ा में CBI की ओर से कहां और किन ठिकानों पर छपेमारी की गई है, इसका ज़िक्र नहीं किया गया है.

उल्लेखनीय है कि इस कंपनी पर सरकार के करोड़ों रुपए टैक्स चोरी का आरोप है. सन 2009 से सन 2014 के दौरान इस कंपनी पर कई तरह के घोटालों का आरोप हैं, जिसके चलते कंपनी के निदेशक के घर पर CBI ने शुक्रवार (Friday) को दबिश देकर कई अहम दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं.

Please share this news