Monday , 30 November 2020

यूपी में शिया वक्फ बोर्ड की जमीन गैरकानूनी ढंग से बेचने की जांच CBI ने शुरू की


लखनऊ (Lucknow) . यूपी में शिया वक्फ बोर्ड की बेशकीमती जायदाद गैरकानूनी ढंग से बेचने की जांच CBI ने शुरू कर दी है. CBI ने वक्फ बोर्ड के चेयरमैन रहे वसीम रिजवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है. CBI जांच की मांग को लेकर शिया मौलाना कल्बे जव्वाद पिछले 12 साल से मुहिम चला रहे थे. यूपी के अलपसंख्यक कल्याण मंत्री ने खुद माना है कि वक्फ बोर्ड में घोटाला हजारों करोड़ का है.

मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा, ‘इसमें बहुत जबरदस्त घोटाले हैं, बहुत जबरदस्त बेइमानियां हैं. अंदाजा यही है कि करीब 10 हजार करोड़ के घोटाले हैं. और इसमें हजारों ट्रस्ट बेचे गए हैं. इसमें खरबों खरबों के घोटाले किए गए हैं. लिहाजा इसी की जांच होनी जरूरी थी. और दूसरी चीज ये है कि मुजरिमों को फौरन गिरफ्तार किया जाए.’ जांच पर वसीम रिजवी ने कहा कि मौलाना जव्वाद ने सरकार को गुमराह कर उनके खिलाफ जांच शुरू करवा दी है.

प्रयागराज (Prayagraj)में 2016 में शिया वक्फ बोर्ड का एक इमामबाड़ा ढहा दिया गया था. उसकी जगह शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनने लगा. शिया समुदाय ने धर्म स्थान ढहा के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाए जाने का विरोध किया. CBI की एफआईआर (First Information Report) में ये मामला भी शामिल है.

राज्य के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मोहसिन रजा ने कहा, ‘वसीम रिजवी के खिलाफ बहुत भ्रष्टाचार के आरोप हैं. साथ ही साथ सुन्नी वक्फ बोर्ड में भी भ्रष्टाचार के आरोप हैं. दोनों ही बोर्ड की जांच CBI करेगी. इसमें अभी और भी नाम सामने आएंगे.’