ज्ञान की तलाश और कला का अभ्यास एक-दूसरे से अलग नहीं : प्रीति अदाणी

नई दिल्ली, 25 नवंबर . अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष प्रीति अदाणी ने सोमवार को परफॉर्मिंग आर्ट को देश में समावेशन के लिए सबसे बेहतर माध्यम बताते हुए कहा कि कला और संस्कृति के बारे में जितना कहा जाए कम है. उन्होंने कहा कि यास्मीन सिंह इस बात का एहसास दिलाती हैं कि ज्ञान की तलाश … Read more

रायगढ़ घराने की कथक परंपरा पर यास्मीन सिंह की पुस्तकों का विमोचन

नई दिल्ली, 25 नवंबर . विस्मृति के गर्त में जा रही कथक की रायगढ़ घराना परंपरा को दोबारा पहचान दिलाने के उद्देश्य से नृत्यांगना यास्मीन सिंह की लिखी दो पुस्तकों का केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को विमोचन किया. लेखिका यास्मीन सिंह स्वयं कथक नृत्यांगना हैं. एक पुस्तक का शीर्षक … Read more

“तीसरे सप्तक” ने दिलाई थी सर्वेश्वर दयाल सक्सेना को शोहरत, अपनी कविताओं से सिखाया जीवन जीने का सलीका

नई दिल्ली, 14 सितंबर . ‘अक्सर एक गंध, मेरे पास से गुजर जाती है, अक्सर एक नदी मेरे सामने भर जाती है, अक्सर एक नाव आकर तट से टकराती है, अक्सर एक लीक दूर पार से बुलाती है’, ये कविता लिखी थी सर्वेश्वर दयाल सक्सेना ने, जिनकी लेखनी के बिना हिंदी साहित्य की कल्पना करना … Read more

जयंती विशेष: भगवतीचरण वर्मा जिन्होंने पाप-पुण्य को आधार बना रच डाली ‘चित्रलेखा’

नई दिल्ली, 30 अगस्त . ‘पाप क्या, पुण्य क्या? ’ इस भेद को जानने की कोशिश करते शिष्य विशालदेव-श्वेतांक और उनके सवालों का उत्तर देते महाप्रभु रत्नाम्बर… उपन्यास पहली पंक्ति ही पाठक को मोहपाश में बांध देती है. फिर कई पात्र आते हैं जो अंत तक पाप-पुण्य की खोज करते रहते हैं और इसी तलाश … Read more