Monday , 19 April 2021

धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 को कैबिनेट की मंजूरी

भोपाल (Bhopal) . मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने कथित ‘लव जिहाद’ के खिलाफ मंगलवार (Tuesday) को ‘मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश-2020’ को मंजूरी दे दी. इस अध्यादेश के जरिए शादी तथा किसी अन्य कपटपूर्ण तरीके से किए गए धर्मांतरण के मामले में अधिकतम 10 साल की कैद का प्रावधान किया गया है.

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मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के कानून एवं गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया, मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक-2020 को मंगलवार (Tuesday) को अध्यादेश के रूप में मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दे दी है. उन्होंने कहा कि इस अध्यादेश को प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के पास उनकी स्वीकृति के लिए भेजा गया है और उनकी मंजूरी मिलते ही यह कानून के रूप में प्रदेश में लागू हो जाएगा.

मिश्रा ने बताया, मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश-2020 सहित कई अन्य अध्यादेशों को मुख्यमंत्री (Chief Minister) शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार (Tuesday) को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई. उन्होंने कहा कि इन विधेयकों को कोविड-19 (Covid-19) की मौजूदा स्थिति के चलते 28 दिसंबर से शुरू होने वाले मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) विधानसभा के तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र के स्थगित हो जाने से सदन में पेश नहीं किया जा सका.

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, हम मध्य प्रदेश में जबरन धर्मांतरण नहीं होने देंगे. नए बिल के तहत, जो भी ऐसा करेगा उसे 10 साल की जेल की सजा और न्यूनतम 50,000 रुपए का जुर्माना होगा. कई घटनाएं सामने आईं, जहां पंचायत चुनाव लड़ने के लिए नाबालिग लड़कियों को धर्मांतरित किया गया, शादी की गई और तैयार किया गया.


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