Saturday , 8 May 2021

बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच भाजपा को लगा झटका


कोलकत्ता . पश्चिम बंगाल (West Bengal) में जारी विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के बीच भारतीय जनता पार्टी के त्रिपुरा में जनजातीय परिषद चुनावों में भारी नुकसान होता दिख रहा है. बता दें कि यहां ‘भगवा पार्टी’ आईपीएफटी (स्वदेशी पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा) के साथ गठबंधन में सरकार चला रही है. त्रिपुरा की महत्वपूर्ण ऑटोनोमस जिला परिषद चुनावों में एक नया संगठन उभरता दिख रहा है. यहां टीआईपीआरए (द इंडीजीनस प्रोग्रेसिव रीजनल एलायंस) 28 सीटों में से 18 पर जीत दर्ज की है.

वहीं, सिर्फ सात पर भाजपा और उसके सहयोगी को सफलता मिली है. त्रिपुरा रॉयल प्रद्योत माणिक्य देब बर्मन कर रहे हैं, जिन्होंने सितंबर में कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख से इस्तीफा दे दिया था. परिषद में 30 सीटें हैं, जिनमें से 28 निर्वाचित हैं और दो राज्यपाल द्वारा मनोनित किए जाते हैं. ये 30 सीटें 20 विधानसभा क्षेत्रों में फैली हैं. मई 2015 में हुए जिला परिषद चुनाव में सीपीआईएम के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा ने 25 सीटों पर जीत दर्ज की थी. 2018 के विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में भाजपा-आईपीएफटी के गठबंधन ने 20 में से 18 सीटों पर जीत दर्ज की थी. हालांकि तीन साल बाद बीजेपी ने बेहद ही खराब प्रदर्शन किया है.

मालूम हो कि 6 अप्रैल को वोटिंग हुई थी. शुक्रवार (Friday) को अज्ञात लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर टीआईपीआरए नेताओं और उम्मीदवारों पर हमला कर दिया. उन सभी नेताओं ने मोहनपुर के उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के कार्यालय का दौरा किया था. एसडीएम का कार्यालय उन 16 केंद्रों में से एक है जहां वोटों की गिनती की जा रही है. देब बर्मन ने कहा कि वह एसडीएम के कार्यालय में एक उम्मीदवार के साथ मतगणना प्रक्रिया पर चर्चा करने के लिए गए थे. यहां हिंसा भड़क गई थी. उन्होंने पीटीआी को बताया कि मौके पर मौजू पुलिस (Police) कर्मियों ने हमलावरों को खदेड़ दिया. उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के मुख्यमंत्री (Chief Minister) बिप्लब कुमार देब और राज्य के डीजीपी (पुलिस (Police) महानिदेशक) ने उन्हें दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

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