Saturday , 23 September 2023

महंगाई को लेकर विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए तैयार बीजेपी

नई दिल्ली, 27 अगस्त . महंगाई खासकर खाद्य पदार्थों की कीमतों में आया उछाल इस देश में हमेशा से चुनावी मुद्दा रहा है. जनता पार्टी की सरकार के दौरान प्याज की बेतहाशा बढ़ती कीमत के खिलाफ इंदिरा गांधी ने जनमत तैयार करने के लिए प्याज की माला पहनकर घूमना शुरू कर दिया था. 1980 के लोक सभा चुनाव में इंदिरा गांधी ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया और चुनाव जीत कर प्रधानमंत्री बनी.

1998 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार द्वारा पोखरण में परमाणु परीक्षण करने से बने माहौल के बावजूद प्याज की बढ़ती कीमतों के कारण भाजपा को दिल्ली विधान सभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा और भाजपा इसके बाद आज तक दिल्ली विधान सभा का चुनाव जीत नहीं पाई है.

यही वजह है कि भाजपा ने महंगाई के मसले पर विपक्षी दलों की रणनीति का काट तैयार करना शुरू कर दिया है. से बात करते हुए भाजपा के एक नेता ने बताया कि विपक्षी दल महंगाई को लेकर जो दुष्प्रचार करने का प्रयास कर रहा है, उसका जवाब आने वाले दिनों में भाजपा के नेता हर मंच से देंगे और विपक्षी दल खासकर कांग्रेस की पोल खोलेंगे.

आपको याद दिला दें कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी कई बार संसद के अंदर और बाहर पेट्रोल-डीजल की ज्यादा कीमत का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ते हुए यह कह चुके हैं कि कांग्रेस की सरकार द्वारा जारी किए गए तेल बांड का भुगतान करने के कारण पेट्रोलियम कंपनियां काफी दबाव में है. वे यहां तक कह चुके हैं कि भाजपा शासित राज्यों ने पेट्रोल-डीजल पर वैट और अन्य तरह के टैक्स कम कर जनता को राहत दी है लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में जनता को कोई राहत नहीं दी है.

भाजपा नेताओं का यह भी तर्क है कि कोविड की वैश्विक समस्या और रूस-यूक्रेन की लड़ाई का असर भारत पर भी पड़ा, जिसकी वजह से चीजों के दाम बढ़े. पिछले कुछ दिनों के दौरान उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में हुई भयानक बारिश के कारण कई सामानों खासकर सब्जियों के दाम में बेतहाशा उछाल आया है लेकिन सरकार इस मोर्चे पर भी जनता को राहत देने का प्रयास कर रही है और स्थिति सुधर रही है.

भाजपा का यह भी स्टैंड है कि एक तरफ जहां दुनिया के सभी बड़े देश आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, रूस-यूक्रेन में लड़ाई जारी है. लेकिन इस माहौल में भी मोदी सरकार ने भारत में महंगाई की दर को थामे रखा है जबकि यूरोपियन यूनियन के देश, यहां तक कि चीन और अमेरिका जैसे देशों तक में महंगाई की दर भारत से कहीं ज्यादा है.

भाजपा इन्ही तर्कों के साथ जनता के मैदान में जाएगी और इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लालकिले के प्राचीर से ही कर दी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लालकिले से महंगाई पर बोलते हुए कहा था कि दुनिया महंगाई के संकट से जूझ रही है, पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को महंगाई ने दबोच कर रखा है.

लेकिन उनकी सरकार ने भारत में महंगाई को नियंत्रित करने के लिए भरपूर प्रयास किए हैं और जनता पर पड़ रहे इस बोझ को कम से कम करने के लिए आने वाले दिनों में भी सरकार का प्रयास जारी रहेगा.

प्रधानमंत्री ने कहा था, ‘‘हम भी दुनिया से, जिन सामानों की जरूरत होती है, लाते हैं. हम सामान तो आयात करते हैं, साथ ही महंगाई भी आयात करते हैं. पूरी दुनिया को महंगाई ने जकड़ कर रखा है. भारत ने महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए भरसक प्रयास किए हैं. पिछले कालखंड की तुलना में हमें कुछ सफलता भी मिली है. लेकिन इतने से संतोष नहीं. दुनिया से हमारी चीजें अच्छी हैं, बस यही सोचकर हम नहीं रह सकते. मुझे तो, मेरे देशवासियों पर महंगाई का बोझ कम से कम हो, इस दिशा में और भी कदम उठाने हैं. हम उन कदमों को उठाते रहेंगे, मेरा प्रयास निरंतर जारी रहेगा.”

भाजपा जहां एक तरफ इन्ही तर्कों के साथ चुनावी मैदान में विपक्षी दलों के आरोपों का जवाब देगी, वहीं इसके साथ-साथ गरीबी के मोर्चे पर सरकार द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं खासकर गरीबों और मध्यमवर्ग के लिए चलाई जा रही योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर विपक्षी दलों द्वारा महंगाई पर किए जा रहे हमले का काउंटर करेगी.

एसटीपी/

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