चुनावी मौसम में भाजपा अक्सर घुसपैठ का मुद्दा उठाती है: फखरुल हसन चांद

Lucknow, 22 फरवरी . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घुसपैठ और नक्सलवाद को समाप्त करने के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि चुनावी मौसम में भाजपा अक्सर घुसपैठ का मुद्दा उठाती है.

उन्होंने समाचार एजेंसी से बातचीत में तंज कसते हुए कहा कि पहले यह मुद्दा दिल्ली के “वायुमंडल” में था, फिर बिहार पहुंचा और अब जब चुनावी माहौल पश्चिम बंगाल और असम की ओर बढ़ रहा है तो यह मुद्दा भी वहीं शिफ्ट हो गया है. उनके अनुसार भाजपा घुसपैठ के मुद्दे को जोर-शोर से उठाएगी, लेकिन केंद्र में 11 साल रहने के बाद अपनी जिम्मेदारियों और उपलब्धियों का हिसाब नहीं देगी. उन्होंने सवाल किया कि गृह मंत्री पिछले 11 वर्षों से क्या कर रहे थे और यदि घुसपैठ एक गंभीर समस्या है तो इसे रोकने में विफलता किसकी है. उन्होंने कहा कि अपनी असफलताओं पर वोट मांगने के बजाय भाजपा को माफी मांगनी चाहिए.

एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस द्वारा किए गए प्रदर्शन को लेकर Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि वैश्विक मंच पर देश का विरोध करना उचित नहीं है. इस पर सपा के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है.

फखरुल हसन चांद ने बताया कि अखिलेश यादव का मानना है कि उनका विरोध Government और उसकी नीतियों से है, न कि देश से. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है, लेकिन जब किसी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में दुनिया भर से प्रतिनिधि आए हों, उस समय और स्थान का ध्यान रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश की छवि धूमिल न हो, इसका ध्यान केवल सत्ता पक्ष ही नहीं बल्कि विपक्ष को भी रखना चाहिए.

प्रयागराज की पोक्सो अदालत द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और मुकुंदानंद गिरि के खिलाफ First Information Report दर्ज करने के निर्देश पर सपा नेता ने कहा कि वह न्यायालय के फैसले पर टिप्पणी नहीं कर सकते.

हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि जिस तरह से धर्म गुरुओं को लेकर लगातार बयानबाजी हो रही है, उससे यह प्रतीत होता है कि सत्ता पक्ष के भीतर भी अलग-अलग दृष्टिकोण हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसियों और कानून का दुरुपयोग किया जा रहा है, जो किसी से छिपा नहीं है. उनका कहना था कि धर्म गुरुओं के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए और जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी.

एएसएच/डीएससी

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