बंगाल में अल्पसंख्यकों के वोट बांटने के लिए भाजपा ने हुमायूं कबीर के साथ डील की: टीएमसी

कोलकाता, 9 अप्रैल . तृणमूल कांग्रेस ने Thursday को भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने अपने पूर्व विधायक हुमायूं कबीर और उनकी नई बनी ‘आम आदमी उन्नयन पार्टी’ (एएयूपी) के साथ 1 हजार करोड़ रुपए की डील की है. इस डील का मकसद पश्चिम बंगाल की उन विधानसभा सीटों पर अल्पसंख्यक वोटों को बांटना है, जहां एएयूपी के उम्मीदवार विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रहे हैं.

एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास और तृणमूल के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने एक ऑडियो क्लिप जारी की, जिसमें कथित तौर पर कबीर को किसी अज्ञात व्यक्ति से इसी तरह की बातचीत करते हुए सुना गया. हालांकि, समाचार एजेंसी इस ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करती है.

तीनों नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह ऑडियो क्लिप तब जारी करने का फैसला किया, जब Prime Minister Narendra Modi पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में एक विशाल चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे.

ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर कबीर को उस अज्ञात व्यक्ति को यह भरोसा दिलाते हुए सुना गया कि यदि भाजपा इस बार ज्यादातर हिंदू वोट हासिल करने में सफल हो जाती है, तो वह मुस्लिम मतदाताओं को बांटने में अहम भूमिका निभाएंगे और वह ऐसा राज्य से तृणमूल को सत्ता से बाहर करने के लिए करेंगे.

कबीर को एक अनजान व्यक्ति को यह भरोसा दिलाते हुए भी सुना गया कि अगर इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्ता में आती है, तो वह और उनकी पार्टी नए Chief Minister को 100 प्रतिशत समर्थन देंगे. ऑडियो क्लिप में उन्हें यह दावा करते हुए भी सुना गया कि वह विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव के साथ नियमित संपर्क में हैं.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हकीम ने कहा कि कबीर को अल्पसंख्यक मतदाताओं को मूर्ख समझने की गलती नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि वह पैसों के लिए अपनी अंतरात्मा भाजपा को बेच सकते हैं. लेकिन आम अल्पसंख्यक मतदाता ऐसा कभी नहीं करेंगे.

इस पूरे मामले पर कबीर की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

पीएसके

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