भाजपा ने नफरत फैलाने के लिए तैयार किया है विशेष ‘टास्क फोर्स’ : विजय वडेट्टीवार

नागपुर, 30 जनवरी . कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने गुरुवार को भाजपा नेता नितेश राणे के परीक्षा केंद्रों में बुर्के पर बैन लगाने की मांग पर पलटवार करते हुए भगवा पार्टी पर नफरत फैलाने के लिए विशेष ‘टास्क फोर्स’ बनाने का आरोप लगाया.

विजय वडेट्टीवार ने कहा कि भाजपा ने एक ‘टास्क फोर्स’ तैयार किया है, जिसे यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह समाज में नफरत फैलाए. ये लोग समाज में विभिन्न जातियों और धर्मों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश करते हैं. ऐसे लोगों का यही काम है कि समाज में जहर फैलाकर वोट पाते रहें.

उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार समाज में नफरत फैलाने वालों के खिलाफ कुछ कर रही है क्या?

कांग्रेस नेता ने कहा कि संविधान के अनरूप जब कोई किसी पद की शपथ लेता है, तो वह कहता है कि वह समान दृष्टि से सभी की सेवा करेगा. लेकिन, सत्ता में आने और मंत्री पद की शपथ लेने के बाद वही लोग समाज में नफरत फैलाना शुरू कर देते हैं. ऐसे में मेरा एक ही सवाल है कि आखिर सरकार क्या कर रही है?

उल्लेखनीय है कि फडणवीस सरकार के मंत्री नितेश राणे ने शिक्षा मंत्री दादा भूसे को पत्र लिखकर परीक्षा केंद्रों में बुर्का पहनने पर बैन लगाने की मांग की थी.

उन्होंने पत्र में कहा था कि परीक्षा केंद्रों में बुर्का पहनकर जाने से सुरक्षा और नकल संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

राणे ने यह भी कहा था कि परीक्षा केंद्र में 10वीं और 12वीं में पढ़ने वाली छात्राओं को बुर्का पहनने की इजाजत नहीं होनी चाहिए. अगर संभंव हो तो उनकी महिला पुलिस अधिकारी द्वारा जांच भी की जानी चाहिए.

राणे ने कहा था कि अगर छात्राओं को परीक्षा केंद्र में बुर्का पहनने की अनुमति होगी, तो यह पता लगाना मुश्किल हो जाएगा कि कहीं नकल के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का तो इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.

वहीं, विजय वडेट्टीवार ने धनंजय मुंडे पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मांगने पर वह इस्तीफा क्यों देंगे, नैतिकता भी तो कोई चीज होती है. उन पर इतने भ्रष्टाचार के इतने आरोप लगे हैं. पूरा बीड़ जिला देश में बदनाम हो चुका है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि इससे पहले भी कई मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं. लेकिन, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. अगर सरकार भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी, तो हम अपना काम करते रहेंगे. सरकार भ्रष्टाचारियों को बचाती रहे. एक न एक दिन तो जनता के सामने जाना ही है.

उल्लेखनीय है कि धनंजय मुंडे ने कहा था कि अगर देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार “मुझसे इस्तीफा मांगेंगे, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा”.

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