Saturday , 25 January 2020
किसानों को मालामाल करने वाली सहजन की खेती करने पर अब बिहार सरकार करेगी मदद

किसानों को मालामाल करने वाली सहजन की खेती करने पर अब बिहार सरकार करेगी मदद

राज्य के कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने बुधवार को बताया कि दक्षिण बिहार के 17 जिलों में सहजन की खेती कराई जाएगी. इसके लिए किसानों को सरकार 50 प्रतिशत अनुदान देगी. उन्होंने कहा कि सहजन की खेती पर प्रति हेक्टेयर लागत 74 हजार रुपए है, जिसमें 37.5 हजार रुपए अनुदान मिलेगा. वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 दो वर्षो में सहजन की खेती के लिए 353.58 लाख रुपए की योजना स्वीकृत है.

अनुदान राशि दो किस्तों में मिलेगी

कृषि मंत्री कुमार ने कहा कि यह योजना गया, औरंगाबाद, नालंदा, पटना, रोहतास, कैमूर, भागलपुर, नवादा, भोजपुर, जमुई, बांका, मुंगेर, लखीसराय, बक्सर, जहानाबाद, अरवल एवं शेखपुरा के किसानों के लिए है. उन्होंने कहा कि अनुदान राशि दो किस्तों में मिलेगी. उन्होंने कहा कि पहली किस्त में 27,780 रुपए और दूसरी किस्त में 9250 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से भुगतान किया जाएगा. उन्होंने कहा कि दूसरी किस्त की राशि 90 प्रतिशत सहजन का पौधा जीवित रहने पर ही दिया जाएगा. उन्होंने सहजन की विशेषता बताते हुए इसे बहुपयोगी पौधा कहा. उन्होंने कहा कि इसके सभी भागों का उपयोग भोजन, दवा और औषधीय कायरें के लिए किया जा सकता है. भारत में सहजन के पारंपरिक प्रजाति के पौधों के अलावा कई प्रजाति विकसित किए गए हैं. उन्होंने कहा कि किसान बेकार पड़ी जमीनों पर भी इसकी खेती कर लाभ कमा सकेंगे.

एक साल में आने लगती है फली

गोरखपुर के अविनाश कुमार ने एक साल पहले इसकी खेती शुरू की है. उन्होंने बताया कि 15 हजार रुपए में तीन से चार किलो बीज और खेत की जुताई और बीज रोपाई में मजदूरी शामिल होगी. वे खेती में देसी खाद का प्रयोग करते हैं क्योंकि खेती प्राकृतिक तरीके से करते हैं. उन्होंने बताया कि एक साल में फली आने लगती है. आजकल बाजार में इसकी पत्तियों की काफी मांग है. इसकी पत्तियों की पहली कटाई 6 माह में की जाती है. उन्होंने बताया कि उनकी संस्था शबला सेवा संस्थान इसकी पत्तियां खरीद लेती है. संस्था के साथ जुड़कर बहुत से किसान सहजन की खेती कर रहे हैं. उनकी अच्छी आमदनी हो रही है. उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती में कम लागत से मुनाफा अधिक होता है.

औषधीय गुणों से भरपूर है सहजन

अविनाश कुमार ने बताया कि सेंजन, मुनगा या सहजन आदि नामों से जाना जाने वाला सहजन औषधीय गुणों से भरपूर है. इसके पेड़ के अलग-अलग हिस्सों में 300 से अधिक रोगों से रोकथाम दिलाने के गुण मौजूद हैं. इसमें 92 तरह के मल्टीविटामिन्स, 46 तरह के एंटी आक्सीडेंट, 36 तरह के दर्द निवारक और 18 तरह के अमीनो एसिड मिलते हैं. चारे के रूप में इसकी पत्तियों के प्रयोग से पशुओं के दूध में डेढ़ गुना और वजन में एक तिहाई से अधिक की वृद्धि होती है.

संस्था खरीद लेती है किसानों की उपज

शबला सेवा संस्थान की अध्यक्ष किरण यादव का कहना कि संस्था किसानों के साथ मिलकर खेती करवाती है. साथ ही उन्हें बाजार भी उपलब्ध करवाती है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई किसान उनकी संस्था के मिलकर इस खेती को करता है तो समयावधि पूरी होने पर किसान की उपज भी संस्था खरीद लेगी, जिससे किसान को बाजार में भटकना न पड़े.