बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का फिर फिसला जुबान, कहा- ‘1944 में इनलोगों ने गड़बड़ किया तो हम हट गए’

दरभंगा, 6 मई . लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में 13 मई को वोट डाले जाएंगे. मतदान को अपने पक्ष में लाने के लिए तमाम राजनीतिक दलों की ओर से हरसंभव कोशिश की जा रही है. इसी कड़ी में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए उम्मीदवार के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उनकी जुबान एक बार फिर फिसल गई.

अलीनगर के तारडीह प्रखंड स्थित पोखर भिंडा स्टेडियम में जनसभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ राजनीतिक संबंध का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हम लोग का संबंध 1995 से है. हालांकि, बीच में हमसे दो बार गलती हुई. लेकिन, जब उन लोगों (राजद) ने गड़बड़ी किया तो हमने उन्हें हटा दिया. अब हमने फैसला किया है कि हम इधर-उधर नहीं जाएंगे, सब भाजपा के साथ रहेंगे.

इस दौरान नीतीश कुमार की जुबान भी लड़खड़ाई. उन्होंने कहा, “2005 से पहले बिहार में क्या था. लालू प्रसाद यादव पर इशारों-इशारों में हमला बोलते हुए कहा कि इनलोग ने कौन सा काम किया. तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि हम तो दो बार उसको उपमुख्यमंत्री बना दिए, लेकिन, जब गड़बड़ किया तो हम हट गए… 1944 में. इसके बाद फिर 1995 में हम लोग एक साथ (भाजपा के साथ) हुए, ये लोग (राजद) कोई काम नहीं किया.”

परिवारवाद और जंगलराज की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि उस वक्त शाम में कोई घर से निकलता था? डर के मारे कोई घर से नहीं निकलता था. अपने हटे तो बीबी को मुख्यमंत्री बना दिया. इन्होंने 9 बेटा-बेटी को पैदा किया, कितना बेटा-बेटी को बना दिया है. हम लोग परिवारवाद को बढ़ावा नहीं देते, सबको अपना परिवार मानते हैं.

उन्होंने कहा कि बिहार में जब दूसरा एम्स का प्रस्ताव आया तो हमने ही दरभंगा का नाम लिया था. हम लोग चाहते थे दरभंगा में एम्स हो जाए. पहले डीएमसीएच में जगह तय हुआ, लेकिन, बाद में हम लोग ने एक और जगह शोभन को तय किया.

इस दौरान उन्होंने भाजपा पर चुटकी लेते हुए कहा कि पहले नई जगह को ये लोग नहीं मान रहे थे, अब सब लोग मान लिए हैं. दरभंगा में अब एम्स बनने वाला है.

पीएसके/एबीएम