Wednesday , 23 June 2021

छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ भूपेश सरकार ने किया न्याय- विजय

बिलासपुर (Bilaspur) . भूपेश बघेल सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों को राजीव गांधी किसान या योजना की चौथी किस्त की राशि का भुगतान किए जाने के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण एवं शहर के अध्यक्ष विजय केशरवानी व प्रमोद नायक ने आज कांग्रेस भवन में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा डाली गई तमाम अड़चनों बाधाओं और समस्याओं का पूरी से सामना करते हुए छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने किसानों को राजीव गांधी न्याय योजना की राशि सफलतापूर्वक देकर यह बता दिया है कि कांग्रेस की सरकार जो कहती है वह करती भी है.

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय, जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा, प्रवक्ता ऋषि पांडेय की उपस्थिति में कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि एक तरफ देशभर के किसान समर्थन मूल्य के लिए महीनों से आंदोलित है,सड़कों पर है ऐसे समय में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की कांग्रेस सरकार ने अपने राज्य के 2100000 से भी अधिक किसानों लगभग 91 लाख मैट्रिक टन धान घोषित समर्थन मूल्य खरीद कर एक रिकॉर्ड बनाया है.

धान खरीदी के बाद राज्य के किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने किसानों को न्याय योजना के माध्यम से 10000 प्रति एकड़ की सहायता दे रही है राजीव गांधी किसान योजना में धान मक्का गन्ना उत्पादक किसानों को पहले वर्ष की चौथी किस्त के 1104 27 रुपए मिलेंगे. राजीव गांधी किसान योजना के दूसरे चरण में धान, मक्का, गन्ना के अलावा दलहन तिलहन गौर कोदो कुटकी उत्पादक किसानों को भी शामिल किया जाएगा. इस योजना में भूमिहीन सीमांत किसानों को शामिल कर मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने राज्य की एक बड़ी आबादी की आर्थिक उन्नति के द्वार खोल दिए हैं.
उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था लेकिन आज तक किसान हित में कोई ठोस पहल नहीं की जा सकी है.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में पूर्ववर्ती रमन सिंह सरकार के 15 साल में किसानों से जो वादाखिलाफी और धोखाधड़ी हुई है उसे प्रदेश की जनता बखूबी जानती है छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में मांग करने और केंद्र से रोक लगाने की भाजपा की दोहरी भूमिका को भी अब किसान समझ चुके हैं. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल राजीव गांधी किसान योजना पर रोक लगाने की बात करते हैं तो भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह भाजपा विधायक दल के नेता धर्म लाल कौशिक और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय आखिर खामोश क्यों है इसे प्रदेश की जनता अच्छी तरह समझती है.केंद्र की भाजपा की सरकार का किसान विरोधी चेहरा बेनकाब हो चुका है छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) भाजपा किसानों के साथ होने का दावा करना बंद करें.

अध्यक्ष द्वय ने कहा कि राजीव गांधी किसान योजना किसानों की समृद्धि का आधार है.भाजपा और केंद्र की मोदी सरकार छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के किसानों के धान के इतने ज्यादा विरोध में उतर आए हैं कि राज्य के किसानों का धान से बना चावल न तो खुद ले रहे हैं और न ही उसे एथेनाल बनाने की अनुमति देना चाहते हैं.भाजपा की केंद्र सरकार (Central Government)के साथ-साथ रमन सिंह सहित तमाम भाजपा नेता किसानों के विरोध में है इसके विपरीत राज्य की कांग्रेस सरकार ने किसानों को धान खरीदी पर 45 100 करोड़ रुपए का भुगतान किया है एवं बीज उत्पादक 4777 किसानों की तीन किस्त में 23 करोड़ 65 लाख रुपए का भुगतान एवं गन्ना उत्पादक 34292 किसानों को 74 करोड़ 24 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है चौथी किस्त धान उत्पादक गन्ना उत्पादक बीज उत्पादक को मिलाकर 5704 करोड़ 13 लाख रुपए का भुगतान सरकार द्वारा किया जा रहा है अब तक किसानों के खाते में 4597 करोड़ 86 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है जिसमें 954000 सीमांत किसान 323000 दिन किसान कुल 1835000 किसान लाभान्वित हुए हैं उल्लेखनीय है कि किसानों को प्रथम किस्त की राशि ?150000000 21 मई 2020 को, द्वितीय किस्त की राशि ?150000000 20 अगस्त 2020 को और तृतीय किस्त की राशि 150000000 1 नवंबर 2020 को भुगतान किया गया.गन्ना उत्पादक किसानों को प्रति कुंटल 355 का अतिरिक्त भुगतान किया गया.

कांग्रेसी नेता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केंद्र सरकार (Central Government)की वक्र दृष्टि किसानों के हित में चलाई जा रही राजीव गांधी किसान या योजना पर भी पड़ चुकी है पूर्व में केंद्र सरकार (Central Government)ने इस योजना को धान पर बोनस तो नहीं का सवाल राज्य से किया था भाजपा के रमन सिंह जैसे नेताओं ने बार-बार नया योजना को धान का बोनस बताने का प्रयास कर राज्य के खिलाफ केंद्र सरकार (Central Government)को दिग्भ्रमित भी किया है.

इसी का परिणाम है कि मोदी सरकार ने राज्य से सेंट्रल पूल में 60 लक मिट्रिक टन चावल लेने की सहमति के बाद उस में कटौती कर 24 लाख मैट्रिक टन कर दिया.भाजपा के रमन सिंह जैसे नेताओं के विरोधी अभियान का दुष्परिणाम है कि राज्य सरकार (State government) किसानों से धान खरीदी कर 1400 रुपए में नीलाम करने को मजबूर है.

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