Friday , 27 November 2020

भय्यू महाराज की आत्महत्या मामला: आयुषी को कभी मां का दर्जा नहीं दिया बेटी कुहू ने

भोपाल (Bhopal) . इंदौर (Indore) के भय्यू महाराज आत्महत्या (Murder) मामले में बेटी कुहू ने अदालत में बयान दर्ज कराया ‎कि आयुषी को कभी उसने अपनी मां का दर्जा नहीं दिया. उसने बताया कि वह भय्यू महाराज की दूसरी शादी से खुश नहीं थी. उसने आयुषी को कभी मां का दर्जा नहीं दिया. जब वह इंदौर (Indore) रहती थी तो भी कभी आयुषी से बात नहीं करती थी. कुहू का प्रतिपरीक्षण भी शुरू हो गया है. इसमें उसने स्वीकारा कि वह नहीं बता सकती कि महाराज ने आत्महत्या (Murder) क्यों की थी? उल्लेखनीय है कि भय्यू महाराज ने 12 जून 2018 को गोली मारकर आत्महत्या (Murder) कर ली थी.

हत्या (Murder) कांड के करीब 6 माह बाद पुलिस (Police) ने उनके सेवादार विनायक दुधाले, शरद देशमुख और पलक पुराणिक को आत्महत्या (Murder) के लिए उकसाने और ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. इसके बाद से आरोपित जेल में हैं. मामले में महाराज की बेटी कुहू के बयान हुए. वह दोपहर करीब 12 बजे जिला न्यायालय पहुंच गई थी. करीब डेढ़ घंटे तक उसके बयान चलते रहे. अतिरिक्त लोक अभियोजक श्याम दांगी ने अभियोजन की तरफ से उसका मुख्य कथन दर्ज कराया. दांगी के अनुसार कुहू ने पुलिस (Police) को दिए बयान को दोहराया. उसने महाराज की दूसरी शादी से खुश नहीं होने की बात कही. उसने कहा कि उसने कभी आयुषी को मां का दर्जा नहीं दिया. वह उससे बात भी नहीं करती थी.

वरिष्ठ अभिभाषक अविनाश सिरपुरकर ने आरोपित पलक की ओर से कुहू का प्रतिपरीक्षण शुरू किया, जो अधूरा रहा. इसमें कुहू ने स्वीकारा कि महाराज की आत्महत्या (Murder) के तीन दिन बाद उसने पुलिस (Police) को दिए बयान में कहा था कि उसे किसी पर शक नहीं है. वह नहीं बता सकती कि महाराज ने आत्महत्या (Murder) क्यों की? कुहू का प्रतिपरीक्षण अधूरा रहा है. न्यायालय अब इस मामले में 6 और 7 नवंबर को सुनवाई करेगी. इस दिन महाराज की पत्नी आयुषी, बहन अनुराधा को बयान के लिए बुलाया गया है. उसने न्यायालय को बताया कि 4 नवंबर से उसकी परीक्षा है. इसलिए वह अगली सुनवाई पर नहीं आ सकती. इस पर न्यायालय ने कहा कि प्रतिपरीक्षण के लिए तारीख आगे तय करेंगे. मुख्य परीक्षण के बाद कुहू देर तक सिरदर्द की शिकायत करती रही.