बंगाल एसआईआर विवाद: तृणमूल कांग्रेस ने Supreme Court के हस्तक्षेप का किया स्वागत, चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप

कोलकाता, 24 फरवरी . पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनाव को लेकर सरगर्मियां जारी है. इसी कड़ी में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने India निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाया है.

तृणमूल कांग्रेस ने एक्स पर लिखा है, India निर्वाचन आयोग ने बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के संचालन पर अपना नियंत्रण प्रभावी रूप से खो दिया है. Chief Minister ममता बनर्जी द्वारा लगातार आग्रह किए जाने पर इसके नियम और शर्तें सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्पष्ट रूप से निर्धारित की जा रही हैं.

आज एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए सर्वोच्च न्यायालय को चुनाव आयोग की घोर अक्षमता और प्रशासनिक विफलता के कारण उत्पन्न भारी गतिरोध को दूर करने के लिए पड़ोसी राज्यों के न्यायाधीशों की तैनाती की अनुमति देने के लिए विवश होना पड़ा. यह हस्तक्षेप अपने आप में बहुत कुछ कहता है.

कोर्ट ने दोहराया कि चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचित या बाद में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्वीकृत सभी दस्तावेज, जिनमें आधार और माध्यमिक प्रवेश पत्र शामिल हैं, लंबित दावों और आपत्तियों के निपटान के लिए स्वीकार किए जाने चाहिए. यह स्पष्ट निर्देश भाजपा-चुनाव आयोग द्वारा मनमाने ढंग से नियमों को बदलने और दस्तावेजी मानकों में हेरफेर करने के प्रयास को विफल कर देता है.

बंगाल में मतदाताओं को चुनिंदा रूप से निशाना बनाने, डराने-धमकाने और परेशान करने की साजिश एक बार फिर न्यायिक बाधा से टकरा गई है. चुनाव आयोग जैसे संस्थानों को कानून की सीमाओं के भीतर कार्य करना चाहिए, न कि पक्षपातपूर्ण हितों के इशारे पर.

Supreme Court ने पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की प्रक्रिया में Odisha और Jharkhand के न्यायिक अफसर शामिल किए जाने के आदेश जारी किए हैं. Supreme Court ने एसआईआर विवाद पर जारी सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया है. Supreme Court ने इनके खर्च का वहन निर्वाचन आयोग को करने का आदेश भी दिया है. Supreme Court ने निर्वाचन आयोग को 28 फरवरी को पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की अनुमति दी है. कोर्ट के इस फैसले का तृणमूल कांग्रेस ने स्वागत किया है.

ओमप्रकाश/वीसी

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