Friday , 30 October 2020

फर्जी दस्तावेजों के आधार बैंक मैनेजर से मिलीभगत कर लोन लेने वाले सीए व पिता की जमानत खारिज

उदयपुर (Udaipur). फर्जी दस्तावेजों के आधार बैंक (Bank) मैनेजर से मिलीभगत कर सीए और उसके पिता द्वारा फर्जी लोन लेकर राशि नहीं चुका कर धोखाधड़ी करने के मामले में पितापुत्र की अदालत ने जमानत अर्जी को नामंजूर कर दिया.

प्रकरण के अनुसार विनय जोशी ने आईजी उदयपुर (Udaipur) के यहां परिवाद पेश किया, जिसमें बताया कि देहलीगेट स्थित बैंक (Bank) की शाखा से वर्ष 2017 में हाऊसिंग लोन के लिए सीए पंकज गेदर के मार्फत आवेदन किया था और आवेदन के कुछ माह बाद उस बैंक (Bank) द्वारा मना कर दिया, लेकिन उसके द्वारा आवश्यक दस्तावेज नहीं लौटाए. होम लोन के लिए अन्य बैंक (Bank) से सम्पर्क किया तो उसकी सीविल रिपोर्ट से पता चला कि देना बैंक (Bank) द्वारा पहले से ही 20 लाख रूपए लोन दे रखा है, जिसकी मासिक किश्त 17,718 रूपए है जो उसके द्वारा जमा नहीं कराई जा रही है.

बैंक (Bank) मैनेजर के मना करने के पश्चात उक्त लोन दिया गया तो उसे लोन में खरीदे गए प्लॉट की कुल राशि 3 लाख 89 हजार रूपए विक्रेता के जरिये डीडी देने के लिए निर्देशित किया गया लेकिन बैंक (Bank) मैनेजर व परिवादी के सीए द्वारा मिलीभगत कर उक्त राशि 3 लाख 89 हजार रूपए विक्रेता को दिए परन्तु उक्त राशि से अधिक राशि बिना किसी अधिकारिक निवेश किए अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी गई, जिसकी जानकारी उसे प्लॉट पर लोन लेने के लिए अन्य बैंक (Bank) में फाईल लगाने पर मिली. अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता लगा. लोन फाईल बैंक (Bank) मैनेजर से मांगी तो उसने फाईल दिखाने से भी मना कर दिया. फाईल देखने से ज्ञात हुआ कि 2018 में 20 लाख का लोन दिया गया है तथा राशि में से 3 लाख 89 हजार रूपए की विक्रेता को अदा कर दिए और बाद में राशि बिना किसी आज्ञा व प्रार्थना पत्र व चैक के दे दी. पंकज गेदर की माता दीपा देवी के नाम रजिस्टर्ड धैर्य इंटरप्राईजेज में डाल दी.

लेनदेन की डिटेल दिखाने से इनकार कर दिया और मात्र 100 रूपए के स्टाम्प पर पंकज द्वारा प्लॉट खरीदना दर्शाया गया. मैनेजर व सीए ने मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेजों से लोन लिए है. इस मामले में न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे आरोपी मंगल कॉम्पलेक्स, गैलेक्सी अपार्टमेंट के सामने भूपालपुरा निवासी भगवतीलाल कुमावत पुत्र गिरधारीलाल कुमावत व न्यू भूपालपुरा वृंदावन ग्रिन्स गार्डन निवासी पंकज गेदर पुत्र भगवतीलाल कुमावत की ओर से आज अदालत में जमानत का प्रार्थना पत्र पेश किया. मामले की गम्भीरता को देखते हुए अदालत ने बैंक (Bank) मैनेजर द्वारा सीए से मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेजों से उठाए गए लोन को गम्भीरता से लिया और दोनों आरोपी बापबेटों की जमानत अर्जी को नामंजूर कर दिया.