रायबरेली, 21 फरवरी . कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दो दिन के दौरे पर गुरुवार को रायबरेली पहुंचे. सांसद के दो दिवसीय दौरे का बहुजन स्वाभिमान मंच ने कड़ा विरोध किया है.
मंच ने राहुल गांधी पर दलितों को गुमराह करने का आरोप लगाया. मंच ने राहुल गांधी से कांग्रेस नेता उदित राज के बयान को लेकर माफी की मांग की. इसके अलावा, पोस्टर के माध्यम से भी राहुल गांधी से माफी मांगने की अपील की. रायबरेली जिले के विभिन्न स्थानों पर राहुल गांधी के खिलाफ इन पोस्टरों को देखा गया, जिनमें उनके खिलाफ विरोध जताया गया और माफी की मांग की गई.
दरअसल, उदित राज ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर विवादित टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि कृष्ण ने कहा था, “न्याय के लिए लड़ो, जरूरत पड़े तो अपने सगे संबंधियों को भी मार दो. बसपा की प्रमुख मायावती ने जो सामाजिक आंदोलन का गला घोंटा है, अब उनका गला घोंटने का वक्त आ गया है.”
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को रायबरेली में कहा कि हम चाहते थे कि मायावती हमारे साथ मिलकर चुनाव लड़ें. अगर तीनों पार्टियां एक साथ चुनाव लड़तीं, तो भाजपा कभी नहीं जीत पाती. कांशीराम ने नींव रखी. बहनजी ने काम किया. यह मैं भी मानता हूं. मेरा सवाल है बहन जी (मायावती) आज तक कोई चुनाव ठीक से क्यों नहीं लड़ीं? हम चाहते थे कि लोकसभा में बहन जी भाजपा के विरोध में हमारे साथ चुनाव लड़ें. लेकिन, मायावती जी किसी कारण से नहीं लड़ीं. इस बात का हमें काफी दुख है. अगर तीनों पार्टियां एक साथ चुनाव लड़तीं, तो भाजपा कभी नहीं जीतती.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के पास सुविधाओं का अभाव था, फिर भी उन्होंने पूरी राजनीतिक व्यवस्था को हिलाकर रख दिया था. दलित समाज को अपने हक को प्राप्त करना होगा. आज देश में संविधान की आवाज को दबाया जा रहा है. देश में दलितों की आबादी 15 प्रतिशत है, लेकिन इसके अनुपात में देश की टॉप कंपनियों के मालिक और सीईओ दलित समाज से नहीं हैं. संविधान आपको बराबरी का अधिकार देता है और अब इसे ही खत्म करने की साजिश रची जा रही है. देश के संविधान को बचाना हमारी जिम्मेदारी है.
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एकेएस/केआर