Wednesday , 14 April 2021

राजधानी में खराब सडकें बन रही प्रदूषण की वजह

भोपाल (Bhopal) . राजधानी में खराब सडकें वायू प्रदूषण का सबसे बडा कारण बन रही हैं. वायु प्रदूषण ने शहर में नौ दिन में बड़ी छलांग लगाई है. राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (इंडेक्स) रविवार (Sunday) को 296 तक पहुंच गया है. इसमें लगातार बढोत्तरी हो रही है. यह इंडेक्स 26 दिसंबर को 148 पर था. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, प्रदेश का सिंगरौली शहर सर्वाधिक प्रदूषित रहा है. यहां का एक्यूआइ 339 तक पहुंच गया था. इधर भोपाल (Bhopal) शहर में वायु प्रदूषण की वजह धूल के कण हैं. वातावरण में इनका स्तर खराब सड़कें और खुले में किए जा रहे निर्माण कार्यों की वजह से बना हुआ है. जब भी नमी बढ़ती है तो ये कण भारी होकर निचली सतह पर बने रहते हैं. ये स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करते हैं. बुजुर्ग, बच्चे और मरीजों के लिए तो अधिक नुकसानदायक होते हैं. इनसे बचने के लिए घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाना चाहिए. अभी मास्क लगाने से प्रदूषण के साथ-साथ कोरोना संक्रमण से भी बचा जा सकेगा. मंडीदीप में भी वायु प्रदूषण बढ़ा है. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिले आंकड़ों के अनुरूप मंडीदीप शहर में धूल के कणों का स्तर 300 से अधिक है. इस वजह से एक्यूआइ 292 रिकॉर्ड किया है. यहां भी खराब सड़कें और फोरलेन निर्माण से निकलने वाली धूल की वजह से प्रदूषण बढ़ा है.

पर्यावरण विशेषज्ञ व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व सदस्य हरभजन शिवहरे बताते हैं कि किसी भी शहर में वायु प्रदूषण न हो तो एक्यूआइ 50 तक या उससे नीचे होता है. एक्यूआइ किसी भी शहर की हवा की सेहत बताता है. यह प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ ही बढ़ता है और कम होने के साथ घटता है. सभी जगह एक्यूआइ में गिरावट को लेकर काम किए जा रहे हैं. वायु प्रदूषण पर तुरंत नियंत्रण पाने के लिए विभाग व एजेंसियों के पास कोई योजना नहीं है. दूसरे शहरों में अधिक प्रदूषण होने पर वॉटर फॉगर मशीनों से पानी की बौछारें छोड़ी जाती हैं. पुराने वाहनों के चलने पर प्रभावी तरीके से रोक लगा दी है. भोपाल (Bhopal) शहर में दोनों तरह के काम नहीं हो रहे हैं जबकि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अधिक प्रदूषण होने पर इस तरह के कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.

मप्र पर्यावरण विभाग प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए पुणे (Pune) की एजेंसी से सर्वे करवा रहा है, राज्य सरकार (State government) ने सभी विभागों से माइक्रो प्लान बनवाया है उसका पालन करने की कवायद की जा रही है. खुद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल इन कामों की समीक्षा कर रहा है. प्रदेश के सिंगरौली में रविवार (Sunday) को सबसे अधिक वायु प्रदूषण रिकार्ड हुआ है. यहां एक्यूआइ 339 तक पहुंच गया है. यहां पीएम 2.5 व पीएम 10 का स्तर 500 से अधिक रिकार्ड किया है. यह गंभीर स्थिति है.

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