Monday , 1 June 2020
बाबर बेहतरीन, पर उन्हें करना होगा व्यक्तित्व में सुधार, सुधारनी होगी अपनी अंग्रेजी

बाबर बेहतरीन, पर उन्हें करना होगा व्यक्तित्व में सुधार, सुधारनी होगी अपनी अंग्रेजी


नई दिल्ली (New Delhi) . हाल ही में बाबर आजम को पाकिस्तान की वनडे टीम टीम की कप्तानी सौंपी गई. आजम की गिनती दुनिया के चोटी के बल्लेबाजों में की जाती है. उनकी प्रतिभा और क्षमता की तारीफ करते क्रिकेट के जानकार थकते नहीं हैं. बाबर की तुलना भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली से भी की जाती है. लेकिन पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर तनवीर अहमद को लगता है कि बाबर को अपने व्यक्तित्व पर काम करना चाहिए. एक यूट्यब चैनल पर बात करते हुए अहमद ने कहा कि बाबर को टीम के कप्तान के रूप में मीडिया (Media) से बात करनी होगी ऐसे में उन्हें अपनी अंग्रेजी भी सुधारनी होगी. क्रिकेट पाकिस्तान के साथ बातचीत में अहमद ने कहा, ‘अपनी पर्सनेलिटी सुधारने की कोशिश करो.

पर्सनेलिटी से मेरा मतलब है कि एक ऐसा इनसान जो अपनी ड्रेसिंग सेंस में सुधार करे. बाबर आजम को इसके साथ ही अपनी अंग्रेजी भी सुधारनी पड़ेगी जो बहुत जरूरी है. जब भी कोई कप्तान बनता है, उसे टॉस और मैच प्रजेंटेशन के दौरान बात करनी पड़ती है. इसके साथ ही उसे विभिन्न देशों के दौरों पर कई मीडिया (Media) चैनल्स पर इंटरव्यू भी देना पड़ता है. तनवीर ने आगे कहा एक कप्तान को समय का पाबंद होना पड़ता है क्योंकि खिलाड़ी कप्तान को फॉलो करते हैं. उसे अपनी फिटनेस लेवल भी बनाए रखनी पड़ती है, क्योंकि अगर कप्तान फिट नहीं होगा, तो वह अन्य खिलाड़ियों को भी अपनी फिटनेस सुधारने को नहीं कह सकता. उन्होंने आगे कहा यह देखना अभी बाकी है कि बाबर टीम को कैसे संभालते हैं.

उन्हें मानसिक रूप से काफी मजबूत रहने की जरूरत है क्योंकि कप्तान के रूप में प्रदर्शन में जरा सी गिरावट होने पर उन्हें मीडिया (Media) की ओर से काफी आलोचना का सामना करना पड़ सकता है तो उन्हें आलोचना का सामना करना और उन पर प्रतिक्रिया नहीं देने का हुनर सीखना होगा. अगर वे जवाब देने लगेंगे तो उनके लिए चीजें बहुत मुश्किल हो जाएंगी. उन्होंने कहा कप्तानी कोई आसान काम नहीं है. हालांकि मैं खुश हूं कि बाबार को सिर्फ अपना करियर शुरू करने के सिर्फ पांच साल के भीतर ही कप्तान बनाया गया है. अगर कोई भी खिलाड़ी सिर्फ इतना खेलकर कप्तान बन जाता है तो यह उसके लिए बहुत बड़ी बात है.