Thursday , 26 November 2020

ऑस्ट्रेलिया की पिज्जा शॉप, एक झूठ…और पूरे राज्य में लग गया लॉकडाउन

– शख्स ने सच न छिपाया होता तो देश में 6 हफ्ते का लॉकडाउन (Lockdown) नहीं लगता

कैनबेरा . कोरोना (Corona virus) की महामारी (Epidemic) को रोकने के लिए सबसे बड़ा हथियार है लोगों से मिलने वाली जानकारी. किसी व्यक्ति को इन्फेक्शन कहां हुआ और उसके जरिए कहां-कहां फैला, इसकी सटीक जानकारी तभी मिल सकती है जब लोग अपने बारे में पूरा सच बताएं. ऐसा नहीं करने पर एक झूठ पूरी आबादी को ले डूब सकता है. दक्षिण ऑस्ट्रेलिया प्रशासन के सामने ऐसा मामला सामने आया जिसमें यह बात साबित हो गई. ऑस्ट्रेलिया ने लॉकडाउन, टेस्टिंग और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की मदद से इन्फेक्शन के मामले लगभग खत्म कर दिए. स्टेट प्रीमियर स्टीवन मार्शल का कहना है कि एक शख्स की हरकत से वह बेहद नाराज हैं और अब इसके नतीजों पर नजर रखी जाएगी.

दरअसल इस शख्स ने बताया था कि वह एक दुकान पर पिज्जा लेने गया था जबकि असल में वह उस दुकान में काम करता था. उसकी दी गई जानकारी के आधार पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने मान लिया कि थोड़ी सी देर में ही वायरस से उसे इन्फेक्शन हो गया. उन्हें यह भी लगा कि वायरस का स्ट्रेन बेहद संक्रामक है. मामले बढ़ने पर लॉकडाउन (Lockdown) का फैसला किया है. कोविड-19 (Covid-19) पॉजिटिव एक शख्स ने पिज्जा शॉप से अपने संबंध के बारे में सच छिपाया था जिसके बाद ऐसे हालात पैदा हो गए. अप्रैल के बाद पहली बार 36 मामले सामने आने के बाद बुधवार (Wednesday) से कड़ा लॉकडाउन (Lockdown) लागू कर दिया गया है.

हालांकि साउथ ऑस्ट्रेलिया पुलिस (Police) कमिश्नर ग्रांट स्टीवन का कहना है कि झूठ बोलने की कोई सजा नहीं है, इसलिए इस शख्स के खिलाफ पुलिस (Police) कार्रवाई नहीं की जाएगी. उनका कहना है कि अभी तक की कार्रवाई इसी जानकारी के आधार पर की गई थी कि इस व्यक्ति को थोड़ी सी देर में पिज्जा शॉप में वायरस से इन्फेक्शन हो गया जबकि अब पता चल रहा है कि दूसरे पॉजिटिव व्यक्ति के साथ वह कैसे जुड़ा है. अब जांच की प्रक्रिया बदल गई है. उन्होंने कहा है कि अगर इस शख्स ने सच न छिपाया होता तो देश में 6 हफ्ते का लॉकडाउन (Lockdown) न लगता. वहीं शुक्रवार (Friday) को सिर्फ तीन केस सामने आने के बाद अधिकारियों ने पहले ही लॉकडाउन (Lockdown) खत्म करने का फैसला किया है. सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड की रिपोर्ट में बताया गया है कि यह शख्स सिक्यॉरिटी गार्ड के साथ काम करता था जिसे एक क्वारंटीन होटेल में इन्फेक्शन हो गया था.