ओलंपिक में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी होंगी ऑस्ट्रेलिया की मैरी हैना

टोक्यो . टोक्यो ओलंपिक खेलों में एक बार फिर साबित हुआ है कि उम्र से फर्क नहीं पड़ता खेल के लिए फिटनेस अहम है. अमेरिका की महिला फुटबॉल टीम की खिलाड़ी कार्ली लॉयड 39 साल की उम्र में मैदान पर उतरने जा रही हैं. कार्ली के अलावा ब्राजील की मिडफिल्डर फोरमिगा की उम्र 43 साल है. चौथी बार ओलंपिक में भाग ले रही लॉयड ने कहा, ‘‘ मैं पिछले 17-18 साल से लगातार खेल रही हूं. यह मेरा जुनून है. मुझे भरोसा है कि जब मैं खेलों को अलविदा कहूंगी तब मेरे पति और मेरा परिवार उत्साहित होगा क्योंकि मुझे वास्तव में कई अन्य कामों के लिए समय मिलेगा. ’’ अमेरिका की बीच वॉलीबॉल खिलाड़ी जैक गिब्ब 45 साल की उम्र में चौथी बार ओलंपिक में भाग ले रही हैं. टोक्यो में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया की घुड़सवार मैरी हैना होगी. हैना 66 साल की उम्र में अपने सातवें ओलंपिक में भाग लेंगी. वह ओलंपिक इतिहास में दूसरी सबसे उम्रदराज महिला खिलाड़ी है. इससे पहले ब्रिटेन की घुड़सवार लोर्ना जॉनस्टोन ने 70 वर्ष की आयु में 1972 के खेलों में भाग लिया था.

वहीं ओलंपिक में सबसे ज्यादा उम्र में पदक जीतने वाले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड ऑस्कर स्वान के नाम है. स्वीडन के इस निशानेबाज ने साल 1920 ओलंपिक में 72 साल, 280 दिन की उम्र में रजत पदक जीता था. वह हालांकि ओलंपिक के सबसे उम्रदराज पदक विजेता नहीं है. यह पदक ब्रिटेन के कलाकार जॉन कोपले के नाम है. कोपले ने 73 साल की उम्र में 1948 में ‘ पेंटिंग एवं एनग्रेविंग’ में रजत पदक जीता था. ओलंपिक में लगभग 40 वर्षों तक कला प्रतियोगिताओं में पदक दिये जाते थे. इसे हालांकि 1948 के बाद ओलंपिक से हटा दिया गया. ओलंपिक खेलों में पहली बार स्केटबोर्डिंग को शामिल किया गया है. इस खेल में दक्षिण अफ्रीका के डलास ओबेरहोलजेर 46 साल की उम्र में अपनी दावेदारी पेश करेंगे.

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