Thursday , 29 July 2021

भारत आकर रोमांचित अमेरिकी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से होगी ऑस्टिन की मुलाकात

नई दिल्ली (New Delhi) . भारत की अपनी तीन दिवसीय यात्रा की शुरुआत करते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड जे ऑस्टिन ने शुक्रवार (Friday) को कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग की गहराई ”व्यापक रक्षा साझेदारी के महत्व को दर्शाती है और वे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामने आने वाली चुनौतियों पर मिलकर काम कर सकते हैं. ऑस्टिन के भारत आने का उद्देश्य हिंद-प्रशांत सहित क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य आक्रमकता के मद्देनजर द्विपक्षीय रक्षा एवं सुरक्षा संबंधों को और मजबूत करना है.

ऑस्टिन की प्रथम विदेश यात्रा के दौरान तीन देशों के दौरे में भारत तीसरा पड़ाव स्थल है. उनकी इस यात्रा को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन के अपने करीबी सहयोगियों और क्षेत्र में साझेदारों के साथ मजबूत प्रतिबद्धता के तौर पर देखा जा रहा है. ऑस्टिन ने शाम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) (Prime Minister Narendra Modi) से मुलाकात की. उन्होंने ट्वीट किया, यहां भारत में आकर रोमांचित हूं. हमारे दोनों देशों के बीच सहयोग की गहराई हमारी व्यापक रक्षा साझेदारी के महत्व को दर्शाती है और हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र के सामने आने वाली चुनौतियों पर मिलकर काम कर सकते हैं. ऑस्टिन का स्वागत करते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उनकी भारत यात्रा निश्चित रूप से दो देशों के बीच सहयोग और साझेदारी को और मजबूत करने वाली है. सिंह ने ट्वीट किया, कल होने वाली बैठक के लिए उत्सुक हूं.

ऑस्टिन की पालम हवाई अड्डे पर भारत के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और अमेरिकी दूतावास के राजनयिकों ने अगवानी की. उनकी यात्रा की तैयारियों और एजेंडा की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत में भारत-अमेरिका संबंध को और प्रगाढ़ करने के तरीकों, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, पूर्वी लद्दाख में चीन के आक्रामक व्यवहार, आतंकवाद से पैदा हुई चुनौतियों और अफगान शांति वार्ता पर जोर रहने की उम्मीद है. भारत ट्रंप प्रशासन की चेतावनी की अनदेखी करते हुए इस सौदे पर आगे बढ़ा था. तत्कालीन अमेरिकी प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि इस पर आगे बढ़ने पर उसे अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. अमेरिका ने एस-400 मिसाइल रूस से खरीदने को लेकर हाल ही में तुर्की पर प्रतिबंध लगाये हैं. चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता के मद्देनजर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती स्थिति अमेरिका-भारत के बीच वार्ता का एक मुख्य विषय बन गयी है.

चीन की बढ़ती आक्रामकता को रोकने के लिए अमेरिका क्वाड को एक सुरक्षा ढांचा बनाने का समर्थन कर रहा है. अमेरिकी रक्षा मंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और चीन पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले सभी स्थानों से सैनिकों को पीछे हटाने के लक्ष्य को हासिल करने पर गौर कर रहे हैं. दोनों देशों ने पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी तटों से लगे इलाकों से अपने सैनिकों को हटाने का कार्य पूरा कर लिया है. ऑस्टिन और सिंह ने 27 जनवरी को टेलीफोन पर वार्ता की थी. भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों ने पिछले कुछ वर्षों में नये मुकाम हासिल किये हैं. अमेरिकी रक्षा मंत्री ने भारत पहुंचने से पहले जापान और दक्षिण कोरिया का दौरा किया.

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