
गुवाहाटी, 9 जून . यूरोपियन यूनियन (ईयू) के प्रतिनिधिमंडल के लिए Tuesday को गुवाहाटी में आयोजित एक खास प्रदर्शनी में असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक क्षमता को दिखाया गया. इस प्रदर्शनी में राज्य के कुछ सबसे खास उत्पादों को शामिल किया गया, जिनमें मूगा सिल्क, असम की लीची, अगरवुड, जोहा चावल, काला चावल, बांस और बांस के हस्तशिल्प, अदरक और दुनिया भर में मशहूर असम की चाय शामिल हैं.
इस प्रदर्शनी का मकसद असम के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना और यूरोपीय देशों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करना था. इसमें वैश्विक स्तर पर असम के कृषि, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्रों की अपार संभावनाओं को उजागर किया गया. यह कार्यक्रम असम के अनूठे उत्पादों को प्रदर्शित करने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार व आर्थिक सहयोग में राज्य की बढ़ती भूमिका को मजबूत करने का एक मंच बना.
अधिकारियों ने कहा कि यह पहल निवेश आकर्षित करके, निर्यात को बढ़ावा देकर और असम, India व यूरोप के बीच व्यावसायिक साझेदारी को प्रोत्साहित करके किसानों, बुनकरों, कारीगरों और उद्यमियों के लिए नए अवसर खोल सकती है.
असम की मूगा सिल्क को लेकर डॉ. महानंदा ने से बात करते हुए कहा, “पूरी दुनिया में मूगा सिल्क सिर्फ असम में मिलती है. इसका प्रोडक्शन दो मीट्रिक टन हुआ है. असम में एक नई स्कीम भी लॉन्च की गई, जो 411 करोड़ रुपए की है. असम का मूगा सिल्क प्रोडक्शन धीरे-धीरे बढ़ रहा है. हमें उम्मीद है कि पूरे India में इसका प्रोडक्शन बढ़ेगा. इसलिए समिट में हमने इसको पेश किया है.”
प्रदर्शनी में अगरवुड को प्रस्तुत करने वाले एक व्यक्ति ने कहा, “हम सबसे पहले Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा को धन्यवाद देते हैं. Government ने एक बहुत अच्छा मंच हमें दिया है. आज हमने यहां यूरोपियन यूनियन (ईयू) के प्रतिनिधिमंडल के सामने हमें प्रदर्शनी में हिस्सा लेने का अवसर मिला है. यूरोपियन यूनियन (ईयू) के प्रतिनिधिमंडल का हम लोग स्वागत करते हैं, जो हमारे घर यानी असम की धरती पर आए हैं.”
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डीसीएच/