अन्य गेंदबाजों के शानदार फार्म से अश्विन की मुश्किलें बढ़ीं – Daily Kiran
Sunday , 28 November 2021

अन्य गेंदबाजों के शानदार फार्म से अश्विन की मुश्किलें बढ़ीं

मुम्बई (Mumbai) . आईपीएल (Indian Premier League) में जिस प्रकार जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, मोहम्मद शमी और वरुण चक्रवर्ती शानदार गेंदबाजी कर रहे हैं. उससे इसके बाद होने वाले टी20 विश्व कप में अनुभवी स्पिनर आर अश्विन की संभावनाएं कम हुई हैं. अश्विन को विश्व कप के लिए टीम में जगह तो मिली है पर जिस प्रकार का प्रदर्शन अन्य गेंदबाज कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें अंतिम ग्यारह में स्थान मिलना कठिन हो जाएगा. आईपीएल (Indian Premier League) में मुंबई (Mumbai) इंडियंस के तेज गेंदबाज बुमराह ने इस सत्र के 13 मैचों में करीब 19 विकेट लिए हैं. सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों गेंदबाजों की सूची में बुमराह तीसरे नंबर पर हैं. वहीं पंजाव किंग्स की ओर से खेल रहे मोहम्मद शमी ने 13 मैचों में 18 विकेट लिए हैं. दिल्ली कैपिटल्स की ओर से अक्षर पटेल ने 9 मैचों में 14 विकेट लिए हैं. मिस्ट्री स्पिनर के नाम से लोकप्रिय वरुण ने इस सत्र में 15 विकेट लिए हैं. इस गेंदबाज ने यूएई के पिचों पर पिछले 28 आईपीएल (Indian Premier League) मैचों में 32 विकेट लिए हैं. वह टीम इंडिया के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं.

वहीं अश्विन को टीम में बतौर ऑफ स्पिनर शामिल किया गया है हालांकि दिल्ली की ओर से खेलते हुए अब तक वह आईपीएल (Indian Premier League) में कुछ खास नहीं कर पाये हैं. वह आईपीएल (Indian Premier League) के दूसरे चरण में पांच मैच में केवल चार विकेट ही ले पाये हैं जबकि फॉर्म के हिसाब से बुमराह, शमी, अक्षर और वरुण का खेलना टी20 विश्व कप में तय दिख रहा है. ऐसे में अश्विन को अंतिम ग्यारह में शायद ही जगह मिल पाये. इसका एक कारण यह भी है कि रवींद्र जडेजा का बतौर ऑलराउंडर खेलना तय है. वह 5वें गेंदबाज की भूमिका भी निभाएंगे. इस गेंदबाज ने आईपीएल (Indian Premier League) के 13 मैचों में 10 विकेट लिए हैं. उनका इकॉनामी रेट भी अच्छा है.

Check Also

दुबई में लीजेंड्स लीग में खेलते नजर आये पूर्व क्रिकेट

दुबई . ओमान में अगले साल की शुरुआत में पूर्व क्रिकेटरों की लीजेंड्स क्रिकेट लीग …

. . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . .