Thursday , 26 November 2020

अशोक गहलोत ने मातृत्व पोषण योजना का शुभारंभ किया, कुपोषण से मुक्ति आवश्यक है

जयपुर (jaipur) . मुख्यमंत्री (Chief Minister) अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने आज वीडियो कॉन्फ्रेस के जरिए इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना के शुभारंभ अवसर पर कहा कि कुपोषण से मुक्ति आवश्यक है बच्चा जन्म के पहले से ही अगर मां को पूरा पोषण नहीं मिलेगा तो जो बच्चा पेट में पल रहा है वह बच्चा कुपोषित पैदा होगा और बडा होगा तो जिन्दगी भर कुपोषित रहेगा. उन्होने कहा कि सोच समझकर यूपीए गारंमेट ने कानून बनाया जो पूरे देश में लागू है आज जो गरीब लोग है उन्हें 2 रूपये किलो गेहूं, 3 रूपये किलो चावल मिले कोई भूखा नहीं रहेगा का सपना साकार किया जा रहा है हमने तो कोरोना काल में भी किसी को भूखा नहीं सोने दिया है.

सीएम गहलोत ने कहा कि कोरोना काल में आप सबके सहयोग से भामाशाह, दानदाता, धर्मगुरू, एक्टिविस्ट, सरकारी, कर्मचारी, पुलिस (Police) कांस्टेबल किसी ने कमी नहीं रखी एक दूसरे को सहयोग रखके किसी को भूखा नहीं सोने दिया सरकार की मंशा बिलकुल साफ है. उन्होने कहा कि कोरोना काल में केन्द्र की राज्यों की भी अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो गई. उन्होने कहा कि राज्य सरकार (State government) अपने संसाधन से लगाकर इस योजना को प्रारंभ किया है दूसरे बच्चे को भी माृतव्व पोषण योजना के अन्तर्गत छह हजार रूपये मिले मातृत्व योजना को धीरे धीरे पूरे प्रदेश में लागू करेंगें जिससे की मां और बच्चे स्वस्थ्य हो बडे हो यह हमारी सोच रहेगी. पहले फेज में यह योजना प्रदेश के चार आदिवासी बहुल जिलों में शुरु की गई है. इनमें उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाडा (Banswara) और प्रतापगढ़ शामिल है. इस अवसर पर इस वर्चुअल समारोह में महिला बाल विकास मंत्री ममता भूपेश, मंत्री प्रमोद जैन भाया, मुख्य सचिव निरंजन आर्य सहित तमाम बड़े अफसर मौजूद रहे.