
New Delhi, 25 जून . social media और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल रही फर्जी खबरों, भ्रामक सूचनाओं और डीपफेक सामग्री के खतरे के बीच भारतीय सेना ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. सेना ने अपने आधिकारिक फैक्ट-चेक social media प्लेटफार्म ‘मिथबस्टर’ के माध्यम से लोगों को सत्यापित और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराने की पहल की है.
भारतीय सेना ने नागरिकों को सतर्क रहने और सेना से जुड़ी किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करने की सलाह दी है.
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आज के सूचना-प्रधान दौर में गलत जानकारी कुछ ही मिनटों में लाखों लोगों तक पहुंच जाती है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है. ऐसे में सही तथ्यों को समय पर सामने लाना बेहद आवश्यक है. सेना के ‘मिथबस्टर’ मंच का उद्देश्य भारतीय सेना से संबंधित फर्जी खबरों, दुष्प्रचार, गलत सूचनाओं, भ्रामक दावों और एआई के जरिए तैयार किए गए डीपफेक वीडियो या तस्वीरों की पहचान करना और उनका त्वरित खंडन करना है. इसके माध्यम से लोगों को यह बताया जा सकेगा कि कौन सी जानकारी सही नहीं है या फिर सेना से जुड़ी कौन सी जानकारी भ्रामक व मनगढ़ंत है.
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि सूचना युद्ध के इस दौर में दुष्प्रचार भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है. कई बार social media पर सेना के अभियानों, गतिविधियों या जवानों से जुड़ी ऐसी सामग्री प्रसारित की जाती है, जो तथ्यों पर आधारित नहीं होती. इससे न केवल आम जनता गुमराह होती है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी गलत धारणाएं बन सकती हैं.
गौरतलब है कि कई मौकों पर सेना ने लोगों से अपील की है कि किसी भी खबर, वीडियो या तस्वीर को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें. सेना का कहना है कि केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें. भारतीय सेना का मानना है कि जागरूक और जिम्मेदार नागरिक ही फर्जी खबरों के प्रसार को रोकने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार, डीपफेक तकनीक और एआई के बढ़ते उपयोग ने गलत सूचनाओं की पहचान को पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है. ऐसे समय में भारतीय सेना का यह आधिकारिक फैक्ट-चेक मंच सत्य और तथ्य आधारित जानकारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ दुष्प्रचार के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगा.
भारतीय सेना देशवासियों से सजग रहने, सत्यापित जानकारी पर भरोसा करने और सत्य के साथ खड़े रहने का आह्वान करती रही है. ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि फर्जी खबरों और भ्रामक प्रचार के खिलाफ सामूहिक रूप से प्रभावी लड़ाई लड़ी जा सके.
–
जीसीबी/एबीएम