
भागलपुर, 4 अप्रैल . पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य के दौरान Supreme Court द्वारा नियुक्त Odisha और Jharkhand के न्यायिक अधिकारियों पर हुए हमले की BJP MP मनन कुमार मिश्रा ने निंदा की है.
मनन कुमार मिश्रा ने से बात करते हुए कहा, “यह एक बहुत ही दुखद और शर्मनाक घटना है. Supreme Court ने निष्पक्ष मतदाता सूची तैयार करने के लिए न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त किया था. ये अधिकारी Jharkhand और Odisha से थे, ताकि स्थानीय दबाव से मुक्त होकर वे अपना काम निष्पक्ष रूप से कर सकें. वे पर्यवेक्षक के रूप में ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभा रहे थे. चुनाव के लिए सही और निष्पक्ष मतदाता सूची अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, लेकिन दुर्भाग्यवश इन अधिकारियों पर हमला किया गया.”
BJP MP ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा इस तरह की घटनाएं Supreme Court और चुनाव आयोग के प्रति चुनौती हैं. उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का कोई भी प्रयास लोकतंत्र के लिए खतरा है.
इसी दौरान मनन कुमार मिश्रा ने केंद्र Government द्वारा हाल ही में पारित ‘जन विश्वास अधिनियम’ की सराहना की. उन्होंने कहा, “यह अधिनियम लोगों का भरोसा मजबूत करने के उद्देश्य से लाया गया है. Prime Minister Narendra Modi की Government पर जनता का भरोसा पहले से ही स्पष्ट रूप से दिखाई देता है. इस अधिनियम के माध्यम से मौजूदा कानूनों में मौजूद पुराने, जटिल और बेकार प्रावधानों को सुधारा गया है. संसद ने इसे लोगों का विश्वास फिर से कायम करने और उसे और अधिक मजबूत बनाने के लिए पारित किया है.”
आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप-नेता पद से हटाए जाने पर भी मनन कुमार मिश्रा ने तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, “आम आदमी पार्टी ‘इस्तेमाल करो और फेंक दो’ वाली पार्टी है. अरविंद केजरीवाल की पार्टी में समझदार और स्वतंत्र सोच वाले लोगों के लिए कोई जगह नहीं है. उन्हें तो बस ऐसे लोग चाहिए जो भ्रम फैला सकें, जिनका आसानी से इस्तेमाल किया जा सके और जो कभी कोई सवाल न उठाएं.”
मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि राघव चड्ढा को हटाना इसी मानसिकता का प्रमाण है. उन्होंने दावा किया कि आप पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र का अभाव है और केजरीवाल अपनी इच्छा के अनुसार पार्टी चलाते हैं.
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एससीएच/डीकेपी