हाईकोर्ट से सुशील अंसल को एक और झटका – Daily Kiran
Saturday , 23 October 2021

हाईकोर्ट से सुशील अंसल को एक और झटका

नई दिल्ली (New Delhi) . दिल्ली हाईकोर्ट ने उपहार सिनेमा अग्निकांड के मुख्य मुकदमे में सबूतों से छेड़छाड़ के मामले में अभियोजन का सामना कर रहे रियल एस्टेट कारोबारी सुशील अंसल की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उनकी पैरवी करने वाले वकील के बदले जाने के चलते जांच अधिकारी से जिरह की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था. हाईकोर्ट ने कहा कि गवाह को वापस बुलाने के लिए केवल वकील बदला जाना पर्याप्त आधार नहीं है. उन्होंने कहा कि अंसल की याचिका में कोई दम नहीं है. जस्टिस योगेश खन्ना ने कहा कि याचिकाकर्ता (अंसल) ने पहले अपनी पसंद के वकील को नियुक्त किया था. उन्होंने एक नहीं बल्कि 18 गवाहों से जिरह नहीं करने का फैसला किया था, शायद इसलिए क्योंकि याचिकाकर्ता केवल साजिश के आरोप का सामना कर रहा है.

ऐसी स्थिति में 18 गवाहों से जिरह नहीं करने जैसा निर्णय अनजाने में लिया गया नहीं हो सकता और शायद ये उनकी रणनीति का एक हिस्सा था. अदालत ने कहा कि चूंकि काफी देर हो चुकी है इसलिए पीड़ितों की दुर्दशा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. सबूतों से छेड़छाड़ का मामला निचली अदालत के समक्ष अंतिम बहस के चरण में है. हाईकोर्ट ने कहा कि उसे दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 311 (गवाह को समन करने या उपस्थित व्यक्ति से पूछताछ करने की शक्ति) के तहत इस तरह के आवेदन को विलंब से दायर करने के इरादे को देखने की जरूरत है. अंसल के वकील ने हाईकोर्ट से कहा कि निचली अदालत ने धारा 311 के तहत उनकी याचिका का निपटारा कर दिया है और कहा कि वह जांच अधिकारी से जिरह करने के लिए एक और अवसर का अनुरोध कर रहे हैं. याचिका का दिल्ली पुलिस (Police) ने विरोध किया था, जिसमें कहा गया था कि मुकदमा अपने अंतिम चरण में है क्योंकि अभियोजन और बचाव पक्ष के बयान पहले ही पूरे हो चुके हैं और निचली अदालत वर्तमान में आरोपी की ओर से अंतिम दलीलें सुन रही है.

Please share this news

Check Also

ममता के वित्तमंत्री को आरोप, डर के कारण 6 साल में 35,000 कारोबारी देश छोड़कर जा चुके

कोलकाता (Kolkata) .बंगाल की ममता सरकार में वित्त मंत्री अमित मित्रा ने मोदी सरकार पर …