अमेरिकी विशेषज्ञ स्टीव बुचर को भारतीय जिमनास्टों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

मुंबई, 29 फरवरी . भारतीय जिमनास्टों ने अब तक विश्व स्तर पर कोई बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं की है, लेकिन कुछ भारतीय जिमनास्टों के पास इस साल जुलाई-सितंबर में पेरिस में होने वाले आगामी ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने का अच्छा मौका है.

भुवनेश्वर में हाई परफॉर्मेंस सेंटर के कार्यक्रम निदेशक स्टीव बुचर का मानना है कि आगामी मई में होने वाली एशियन चैंपियनशिप भारतीय जिमनास्टों के लिए काफी अहम होगी.

आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक के लिए ओलंपिक क्वालिफिकेशन प्रोग्राम में तीन विश्व कप स्पर्धाओं और कॉन्टिनेंटल चैम्पियनशिप में अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी शामिल हैं.

इसलिए, अपने संबंधित विषयों में तीन विश्व कपों में शीर्ष स्थान पर रहने वाले और कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले जिमनास्टों के पास पेरिस में जगह बनाने का मौका है.

शीर्ष भारतीय जिमनास्ट प्रणति नायक ने कुछ दिन पहले काहिरा में पहले एफआईजी आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक उपकरण विश्व कप 2024 में कांस्य पदक जीता था, जबकि हमवतन दीपा करमाकर उसी स्पर्धा में पांचवें स्थान पर रहीं.

दोनों अब विश्व कप सर्किट के अगले दो आयोजनों और 24-26 मई तक ताशकंद, उज्बेकिस्तान में होने वाली 11वीं सीनियर एशियाई चैंपियनशिप में भाग लेंगे.

प्रणति नायक को भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में ओडिशा एएम/एनएस जिमनास्टिक्स हाई-परफॉर्मेंस सेंटर में तैयारी करते हुए करीब से देखने के बाद स्टीव बुचर का कहना है कि सभी जिमनास्ट क्वालीफाइंग कार्यक्रम में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं.

राउरकेला से फोन पर के साथ बातचीत में स्टीव बुचर ने कहा, “अभी हमारे पास भारत से कोई भी जिमनास्ट नहीं है जिसने अभी तक क्वालीफाई किया है. लेकिन, उनके पास विश्व कप सर्किट और एशियाई चैंपियनशिप के रूप में दो अवसर हैं, जो मई में होंगे. इसलिए हर कोई काम कर रहा है, एथलीट, कोच और प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारे जिमनास्ट, न केवल ओडिशा में बल्कि देश में, क्वालिफाई करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं.”

बुचर, जो अंतर्राष्ट्रीय जिम्नास्टिक एसोसिएशन (एफआईजी) की पुरुष तकनीकी समिति के अध्यक्ष हैं. उन्होंने गुरुवार को राउरकेला केंद्र के लिए 6-10 आयु वर्ग के जिमनास्टों के चयन परीक्षणों में भाग लिया. प्रारंभिक परीक्षणों में कुल 50 बच्चों ने भाग लिया, जिनमें से प्रशिक्षकों ने अगले चरण के लिए 20 का चयन किया.

ओडिशा केंद्र के साथ जुड़ाव के कारण देश में जिम्नास्टिक परिदृश्य को करीब से देखने के बाद स्टीव बुचर का कहना है कि भारतीय जिम्नास्टिक उन्नति के पथ पर है.

एएमजे/आरआर