
काठमांडू, 2 मार्च . फिनलैंड के President अलेक्जेंडर स्टब ने वैश्विक तनाव के बीच कूटनीति पर जोर देते हुए कहा कि उनकी ईरान के President मसूद पेजेश्कियान से अहम बातचीत हुई. इस बातचीत में ईरान और मध्य-पूर्व की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चर्चा हुई.
उन्होंने पड़ोसी देशों पर हमलों को रोकने और होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने पर भी जोर दिया. साथ ही मतभेदों के बावजूद संवाद जारी रखने को बेहद जरूरी बताया.
फिनलैंड के President अलेक्जेंडर स्टब ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, ”मेरी ईरान के President मसूद पेजेश्कियान से बात हुई. हमने ईरान और मध्य-पूर्व के हालात पर चर्चा की. युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की तत्काल आवश्यकता है.
मैंने पड़ोसी देशों पर हमलों को रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया.”
President अलेक्जेंडर स्टब ने कहा कि मतभेदों के बावजूद बातचीत जारी रखना महत्वपूर्ण है.
वहीं, संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी कहा कि अब “युद्ध रोकने का वक्त” आ गया है. उन्होंने चेतावनी दी कि यह संघर्ष न सिर्फ भारी मानवीय पीड़ा पैदा कर रहा है, बल्कि इसके आर्थिक असर भी पूरी दुनिया में तेजी से महसूस किए जा रहे हैं. उन्होंने अमेरिका और इजरायल से संघर्ष रोकने की अपील की है.
गुटेरेस ने साफ तौर पर कहा, “अब समय आ गया है कि इस युद्ध को रोका जाए, क्योंकि यह लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहा है और पहले ही वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका दे चुका है. ऊर्जा संकट, व्यापार बाधाएं और सप्लाई चेन पर दबाव इसके कुछ बड़े उदाहरण हैं, जो इस संघर्ष के कारण और गंभीर हो गए हैं.
गुटेरेस ने कहा कि मौजूदा हालात बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुके हैं और दुनिया एक व्यापक युद्ध के मुहाने पर खड़ी है. उनके मुताबिक, अगर जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो यह संघर्ष और बड़े स्तर पर फैल सकता है, जिसका असर वैश्विक शांति और स्थिरता पर पड़ेगा.
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने केवल अमेरिका और इजरायल को ही नहीं, बल्कि ईरान को भी सख्त संदेश दिया. उन्होंने कहा कि ईरान को अपने पड़ोसी देशों पर हमले तुरंत बंद करने चाहिए, क्योंकि इससे क्षेत्रीय तनाव और भड़क रहा है. उनका मानना है कि सभी पक्षों को संयम बरतते हुए बातचीत के रास्ते पर लौटना होगा.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुटेरेस ने अपने विशेष दूत को मध्य पूर्व भेजने का फैसला किया है. यह कदम शांति वार्ता को आगे बढ़ाने और सभी पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से उठाया गया है.
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एवाई/डीकेपी