दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता फिर खराब, ग्रैप-1 लागू

नई दिल्ली, 2 अप्रैल . दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण एक बार फिर बढ़ गया है. वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बुधवार को 200 के पार पहुंच गया और 217 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है. इसे देखते हुए एक बार फिर ग्रैप-1 के प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी दैनिक एक्यूआई बुलेटिन के अनुसार, वायु गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली का एक्यूआई इसी स्तर पर बना रह सकता है. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ग्रैप उप-समिति ने मौजूदा वायु गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए तत्काल प्रभाव से ग्रैप के स्टेज-1 के तहत 27-सूत्रीय कार्य योजना लागू करने का निर्णय लिया है.

इससे पहले 29 मार्च को ही प्रदूषण में कमी को देखते हुए ग्रैप-1 के प्रतिबंधों को हटाने का फैसला किया गया था.

दिल्ली-एनसीआर की सभी संबंधित एजेंसियों को इन उपायों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. आयोग ने खास तौर पर निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों में प्रदूषण कम करने के उपायों का पालन करने की बात कही है क्योंकि गर्मियों में दिल्ली के प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान इन्हीं का होता है.

ग्रैप स्टेज-1 के तहत आम लोगों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं. लोगों से अपने वाहनों के इंजन की नियमित जांच और सही ट्यूनिंग कराने, वाहनों के टायरों में उचित वायु दबाव बनाए रखने और वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र को अद्यतन रखने के लिए कहा गया है. इसमें कहा गया है कि ट्रैफिक सिग्नल पर वाहन का इंजन बंद करें और अनावश्यक रूप से वाहन न चलाएं. हाइब्रिड वाहन या इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने को प्राथमिकता दें. खुले स्थानों में कचरा या अन्य अपशिष्ट पदार्थ न फेंकें.

प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों के लिए निर्देश जारी किए गए हैं, जिनमें विभिन्न सरकारी एजेंसियों, जैसे एनसीआर के राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है कि ग्रैप स्टेज-1 के तहत सभी 27-सूत्रीय कार्य योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए.

पीकेटी/एकेजे