
New Delhi, 7 अप्रैल . एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कैंपबेल विल्सन ने अपना कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया है. हालांकि एयरलाइन ने अभी तक इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. खबरों के मुताबिक, विल्सन फिलहाल नोटिस पीरियड पर हैं.
अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि कंपनी को विल्सन का उत्तराधिकारी मिल गया है या नहीं. बोर्ड पिछले साल से ही विल्सन के स्थान पर नए सीईओ की तलाश कर रहा था.
Ahmedabad विमान दुर्घटना के बाद से एयर इंडिया उथल-पुथल भरे दौर से गुजर रही है और निजीकरण प्रक्रिया के तहत Government से अधिग्रहण के बाद अपेक्षित गति से वित्तीय सुधार करने में सक्षम नहीं रही है. ऐसे में टाटा समूह ने एयर इंडिया के लिए एक नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की तलाश शुरू की थी.
खबरों के अनुसार, पिछले सप्ताह हुई बोर्ड की बैठक में विल्सन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया था, लेकिन उत्तराधिकारी मिलने तक वे कंपनी में बने रहेंगे.
Government द्वारा टाटा समूह को एयरलाइन बेचे जाने के बाद विल्सन को 2022 में पांच साल के अनुबंध पर सीईओ और प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था. उनका कार्यकाल जुलाई 2027 में समाप्त होना था. एयरलाइन में शामिल होने से पहले विल्सन ने सिंगापुर एयरलाइंस की पूर्ण स्वामित्व वाली कम लागत वाली सहायक कंपनी स्कूट के सीईओ के रूप में कार्य किया था.
जून 2025 में Ahmedabad में हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत के बाद से एयर इंडिया जांच के दायरे में है. वहीं, ईंधन की उच्च लागत और नए विमानों की देरी से भी परिचालन प्रभावित हुआ है.
एयर इंडिया में नेतृत्व परिवर्तन प्रतिद्वंद्वी इंडिगो द्वारा पीटर एल्बर्स के इस्तीफे के बाद विलियम वॉल्श को नया सीईओ नियुक्त करने की घोषणा के कुछ ही दिनों बाद हुआ है. वॉल्श 3 अगस्त से कार्यभार संभालेंगे.
इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड ने पिछले महीने वॉल्श को मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया था, जो नियामकीय अनुमोदन के अधीन है, क्योंकि एल्बर्स ने मार्च की शुरुआत में कम लागत वाली एयरलाइन के सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया था.
एयरलाइन ने एक बयान में कहा कि वाल्श का आईएटीए (अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ) में कार्यकाल 31 जुलाई, 2026 को समाप्त हो रहा है और उनके 3 अगस्त, 2026 तक कार्यभार संभालने की उम्मीद है.
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