Tuesday , 15 June 2021

एम्स का कोरोना वार्ड हो गया फुल, बन रहे नए वार्ड

भोपाल (Bhopal) . राजधानी में कोरोना (Corona virus) के मरीज रोजाना बढते जा रहे हैं. हालात ये है ‎कि शहर के कई अस्पतालों में नए कोरोना वार्ड बनाने की तैयारी चल रही है. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कोरोना वार्ड के सभी बिस्तर भर गए हैं. कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए एम्स प्रबंधन ने बिस्तर बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है. वहीं डॉक्टर (doctor) और स्वास्थ्यकर्मियों के अवकाश निरस्त किए हैं.

हालांकि एम्स के प्रवक्ता डॉ. लक्ष्मीप्रसाद ने बताया कि एम्स में 60 बिस्तर है. इनमें से 50 भरे हैं. गंभीर मरीजों को भर्ती कर रहे हैं. बिस्तर बढ़ाने की कार्रवाई तेजी से की जा रही है. नई चुनौतियों को देखते हुए छुट्टियां निरस्त की है. बहुत जरूरी होने पर छूट्टी दी जा रही है. उधर कोरोना की जांच कराने आए संदिग्धों ने कल जेपी अस्पताल के बुखार क्लीनिक में हंगामा किया. यहां दोपहर 3:30 बजे ही जांच के लिए पर्चे बनाने से मना कर दिया गया था, जिससे जांच कराने वाले नाराज थे. अस्पताल प्रबंधन का तर्क है कि लोग 4 बजे के बाद जांच कराने के लिए पहुंचे, जबकि समय सिर्फ 4 बजे तक ही है इसलिए जांच नहीं की गई, लेकिन कोई हंगामा नहीं हुआ है. हंगामे के बाद कुछ लोगों को आइसोलेशन वार्ड में जांच कराने के लिए भेजा गया. अन्य संदिग्धों को शनिवार (Saturday) सुबह जांच के लिए बुलाया गया है. इस संबंध में जेपी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि किसी तरह का हंगामा नहीं हुआ है. 230 मरीजों की जांच शुक्रवार (Friday) को की गई है. शहर में जांच का दायरा शनिवार (Saturday) से बढ़ा दिया जाएगा.

सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि अभी तक रोजाना तीन हजार सैंपल लिए जा रहे थे. शुक्रवार (Friday) को 4000 सैंपल लिए हैं. शनिवार (Saturday) से पांच हजार सैंपल लेंगे. शुक्रवार (Friday) को साढ़े छह हजार किट मिल गई है. शहर के अस्पतालों में कोरोना संक्रमण के लिए तीन हजार से अधिक बिस्तर आरक्षित किए जाएंगे. प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर इसकी तैयारी शुरू कर दी है. आयुष्मान भारत योजना के तहत शहर के 23 अस्पतालों में 20 फीसद बिस्तर आरिक्षत रखे जाएंगे. निजी अस्पताल संचालकों से बातचीत की जा रही है. इस बारे में भोपाल (Bhopal) कलेक्टर (Collector) अविनाश लवानिया का कहना है ‎कि कोरोना की बढ़ती हुई संख्या के आधार पर प्रशासन सख्ती से इसे नियंत्रित करने में लगा है. अब सैंपलों की संख्या बढ़ाई जाएगी. माइक्रोकंटेनमेंट क्षेत्र बनाए जाएंगे. संक्रमित के घर पर पोस्टर चिपकाने की तैयारी कर ली है, क्योकि अत्यंत जरूरी होने पर मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जा रही है.

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