रीट परीक्षा के सफल आयोजन के बाद प्रशासन फिर आया एक्टिव मोड पर; मंडे मीटिंग में कलक्टर दिखे गंभीर, बोले-लापरवाही बर्दाश्त नहीं – Daily Kiran
Sunday , 28 November 2021

रीट परीक्षा के सफल आयोजन के बाद प्रशासन फिर आया एक्टिव मोड पर; मंडे मीटिंग में कलक्टर दिखे गंभीर, बोले-लापरवाही बर्दाश्त नहीं


उदयपुर (Udaipur). राज्य सरकार (State government) के निर्देशानुसार रविवार (Sunday) को उदयपुर (Udaipur) जिले में सफलतापूर्वक आयोजित की गई रीट परीक्षा के दौरान अवकाश अवधि में व्यस्त रही प्रशासनिक मशीनरी सोमवार (Monday) को फिर से एक्टिव मोड पर दिखी. स्वयं जिला कलक्टर (District Collector) कलक्टर चेतन देवड़ा ने सोमवार (Monday) को कलेक्ट्रेट सभागार में सुबह 10 बजे आला अधिकारियों की विभागीय साप्ताहिक समीक्षा बैठक आहूत की और तीन घंटे तक मैराथन समीक्षा कर महत्त्वपूर्ण निर्देश दिए.

विभागों के लंबित प्रकरणों और आम जनता को राहत देने के मुद्दों पर समीक्षा करते हुए कलक्टर ने कहा कि विभागीय अधिकारी सप्ताह की शुरूआत में पहले घण्टे से ही गंभीर रहें तथा लोगों को राहत दें. समीक्षा बैठक के प्रति गंभीर दिखे कलक्टर देवड़ा ने कहा कि लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने आमजन की राहत हेतु बिजली-पानी-सड़क, रोजगार और पेंशन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए.

नरेगा पर किया विशेष फोकस, कहा-हर सप्ताह 12 बिंदुओं पर होगी समीक्षा: जिले में ग्रामीण विकास विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलक्टर ने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा योजना में हर मांगने वाले हाथ को काम मिले. उन्होंने कहा कि अब हर सप्ताह 12 बिंदुओं पर नरेगा की समीक्षा की जाएगी. उन्होंने ग्राम पंचायतवार नियोजित श्रमिक, कार्य पूर्णता और औसत मजदूरी की दर, कार्यस्थलों पर महिला मेटों की नियुक्ति और संपन्न हो रहे कार्यों की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली और निर्देश दिए कि निर्देशों के बावजूद न्यूनतम श्रमिक नियोजन और महिला मेटों की न्यूनतम नियुक्ति वाले विकास अधिकारियों व कार्मिकों को नोटिस दें. इस दौरान जिला परिषद सीईओ गोविंद सिंह राणावत ने नरेगा के तहत द्वारा संचालित कार्यों, श्रमिकों के नियोजन, कार्यस्थल की सुविधाओं एवं पूर्ण कार्यों के बारे में अवगत बताया.

सिलिकोसिस प्रकरण निस्तारण में देरी गंभीर: बैठक में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति पर चर्चा करते हुए कलक्टर ने इनकी क्रियान्विति पूरी संवेदनशीलता से करने के निर्देश दिए. उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक को सिलिकोसिस से संबंधित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए और कहा कि इसमें गरीब व्यक्ति को योजना का लाभ दिलाने में देरी गंभीर मामला है. उन्होंने हर पात्र को नियमानुसार पेंशन प्रदान करने, छात्रवृति, अनुदान सहित अन्य राजकीय योजनाओं का लाभ समय पर दिलाने की बात कही.

हाईवे पर जन-सुरक्षा से समझौता नहीं: उदयपुर (Udaipur) से झाड़ोल जाने वाले हाइवे पर आये दिन पहाड़ों से चट्टानंे गिरने, मार्ग अवरुद्ध होने या इससे होने वाली जनहानि को रोकने की दृष्टि से कलक्टर देवड़ा ने एनएचएआई के अधिकारियों को कहा कि हाईवे पर जन-सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता, इसके लिए विभाग कार्ययोजना बनाकर आगामी बैठक में प्रस्तुत करें. उन्होंने वर्षाकाल में सड़कों को दुरस्त कर आमजन को राहत प्रदान करने की भी बात कही.

नदारद अधिकारियों को नोटिस देने के निर्देश: समीक्षा बैठक में कुछ विभागीय अधिकारियों के उपस्थित नहीं होने को कलक्टर ने गंभीरता से लिया और अपनी नाराजगी जताते हुए नदारद अधिकारियों को नोटिस और चार्जशीट देने के निर्देश दिए. उन्होंने कुछ विभागीय अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं की प्रगति संबंधित जानकारी नहीं लाने पर सोमवार (Monday) को ही शाम को 7.30 बजे लेकर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए.

इन विषयों पर भी हुई चर्चा: बैठक में कलक्टर ने समस्त संबंधित विभागों को प्रशासन गांवों के संग अभियान के लिए पूर्व तैयारियों के निर्देश दिए. जिले के नवानिया क्षेत्र में किसी निजी कम्पनी द्वारा विद्युत व्यवस्था हेतु किये जा रहे कार्य के संबंध में जांच करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की कोई दुर्घटना एवं जनहानि की संभावना हो तो कार्य को शीघ्र रूकवाकर संबंधित ठेकेदार को पाबंद किया जाये. इसी प्रकार बिजली लाईनों को दुरस्त करने के लिए पेड़ों की छंटाई के बाद डालियों को सड़क पर ही डालने के मामले में संबंधित ठेकेदार को पाबंद करने के निर्देश दिए. इस मौके पर कलक्टर ने जनता जल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया वहीं आईसीडीएस को प्रशासन गांव के संग अभियान में भवन के पट्टे लेने, भर्ती करवाने व बिजली-पानी के कनेक्शन करवाने के निर्देश दिए.

बैठक में बजट घोषणाओं की क्रियान्विति, विभागीय योजनाओं की भौतिक व वित्तीय प्रगति, सरकार की फ्लेगशिप योजनाओं की प्रगति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री (Chief Minister) कार्यालय, जिला सतर्कता समिति, हेल्पलाइन व सम्पर्क पोर्टल पर लम्बित प्रकरणों की समीक्षा, राजस्थान (Rajasthan) लोक सेवा गारंटी अधिनियम/सुनवाई का अधिकार के तहत लम्बित प्रकरणों की समीक्षा तथा अन्य विभागों से संबंधित अंतर विभागीय समस्याओं पर चर्चा की गई.

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