पंजाब : हाईकोर्ट के आदेश के बाद कर्नल से मारपीट मामले की जांच करेगी चंडीगढ़ पुलिस, पत्नी ने जाहिर की खुशी

चंडीगढ़, 3 अप्रैल . पंजाब के पटियाला के कर्नल पुष्पेंद्र बाठ और उनके बेटे के साथ पंजाब पुलिस के कर्मचारियों की तरफ से की मारपीट के मामले की जांच करने का आदेश चंडीगढ़ पुलिस को दिया गया है. कर्नल पुष्पेंद्र बाठ की पत्नी जसविंदर कौर बाठ ने गुरुवार को न्यूज एजेंसी से बात करते हुए हाईकोर्ट के इस फैसले पर खुशी जाहिर की.

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पटियाला के कर्नल पुष्पेंद्र बाठ और उनके बेटे के साथ पंजाब पुलिस के बीच हुई मारपीट मामले में जांच का आदेश दिया है. जांच का आदेश पंजाब पंजाब पुलिस को नहीं देकर केंद्र शासित चंडीगढ़ की पुलिस को सौंपा गया है. साथ ही जांच करने के लिए एक कमेटी के गठन का भी आदेश दिया गया है.

कोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस के आईपीएस अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का आदेश दिया है. वहीं, जांच की रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा में कोर्ट को सौंपनी होगी. मारपीट मामले की जांच को पूरा करने के लिए चार महीने का समय निर्धारित किया गया है. कर्नल पुष्पेंद्र बाठ की पत्नी जसविंदर कौर बाठ ने हाईकोर्ट के फैसले पर खुशी व्यक्त की है.

उन्होंने कहा, “हमने हाईकोर्ट से केस की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी या सीबीआई से करवाने की मांग की थी. अब कोर्ट की तरफ से इसकी जांच यूटी पुलिस को सौंप दी गई है. हमें पंजाब पुलिस पर भरोसा नहीं है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि जांच टीम में पंजाब पुलिस या पंजाब कैडर का कोई भी अधिकारी शामिल नहीं होगा.”

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए जसविंदर कौर ने कहा, “जो अपनी बेटी का नहीं हुआ, वो पंजाब की बेटियों का भाई कहां से बनेगा. पंजाब पुलिस ने 25 दिन तक 4 एसएचओ को बचाने का खेल खेला. पंजाब सरकार को एसपी या डीजीपी नहीं बल्कि चार एसएचओ चलाते हैं. पंजाब पुलिस ने आज तक किसी को न्याय नहीं दिया, वे दबाव डालकर केस वापस दिलवाते हैं. कोर्ट के फैसले से हम खुश हैं.”

एससीएच/जीकेटी