Wednesday , 23 June 2021

रोक के बाद एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को फिर कई यूरोपीय देशों दी मंजूरी

लंदन . कोरोनारोधी ऑक्सफोर्ड की एस्ट्राजेनेका के टीके की विश्वसनीयता को लेकर उठे बवाल के के बाद कई यूरोपीय देशों ने फिर से इसके इस्तेमाल को मंजूरी प्रदान कर दी है. इस वैक्सीन के लगाने पर खून का थक्का जमने की बात की जा रही थी लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि एहतियातन जांच होनी चाहिए लेकिन विशेषतौर पर यह भी कहा है कि टीकाकरण अभियान स्थगित नहीं करें. वहीं यूरोपियन मेडिसिन्स एजेंसी (ईएमए) ने इस वैक्सीन को ‘सुरक्षित और प्रभावी’ बताया है.

ईएमए ने कहा कि एस्ट्राजेनेका टीके से खून के थक्के जमने का खतरा नहीं है और इसके इस्तेमाल के फायदे ज्यादा हैं. इस घोषणा के बाद जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, इटली, नीदरलैंड्स, पुर्तगाल, लिथुआनिया, लातविया, स्लोवेनिया और बुल्गेरिया ने इस वैक्सीन से वैक्सीनेशन फिर से शुरू करने की बात कही है. वहीं भारत सरकार ने भी कहा कि भारत सरकार एस्ट्राजेनेका के इस्तेमाल से अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है. नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि यूरोपीय चिकित्सा एजेंसी ने कहा कि यह एहतियाती कदम है और अभी ऐसा कोई भरोसेमंद आंकड़ा नहीं है जो टीके और इसके दुष्प्रभाव के बीच संबंध को स्थापित कर सके.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने संकेत दिया कि एस्ट्राजेनेका के टीके के सुरक्षित होने का विश्वास दिलाने के लिए वह इस कंपनी का टीका लगवाने पर विचार कर सकते हैं. एस्ट्राजेनेका द्वारा उत्पादित टीके को ऑक्सफोर्ड के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है. ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) ने टीकाकरण अभियान के 100वें दिन इसका विस्तार किया और 50 से अधिक उम्र के लोगों को भी अभियान में शामिल किया गया है. ऐसे में 56 वर्षीय प्रधानमंत्री जॉनसन इसका इस्तेमाल टीके के सुरक्षित होने का संदेश देने के लिए कर सकते है. जॉनसन ने कहा, ‘मुझे लगने वाला टीका ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका का होगा. इससे पहले उन्होंने कहा था कि टीका सुरक्षित है और बेहतर काम कर रहा है.

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