आजादी के बाद पीएम मोदी ने सबसे पहले जलवायु परिवर्तन पर दिया ध्यान : शाह – Daily Kiran
Sunday , 24 October 2021

आजादी के बाद पीएम मोदी ने सबसे पहले जलवायु परिवर्तन पर दिया ध्यान : शाह

मुंबई (Mumbai) . महाराष्ट्र (Maharashtra) के नांदेड में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे अखिल भारतीय वृक्षरोपण अभियान-2021 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज ही के दिन हैदराबाद के निजाम के जुल्मी शासन से तेलंगाना का क्षेत्र आजाद हुआ था. भारत के पहले गृह मंत्री लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल ने बड़ी दृढ़ता, वीरता और रणनीतिक कुशलता के साथ उनके नापाक इरादे को नाकामयाब किया था और पूरे हिस्से को अखंड भारत का हिस्सा बना दिया था.
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 के हम आजाद हो गए थे लेकिन यह क्षेत्र 13 महीने बाद आजाद हुआ था. इस मायने में इस क्षेत्र का आजादी दिवस आज ही है. ऐसे में मैं सभी मराठवाड़ा, विदर्भ क्षेत्र और तेलंगाना के लोगों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देना चाहता हूं. इस क्षेत्र की आजादी के लिए स्वामी रामानंद तीर्थ, दिगंबर राव बिंदु, बेगू सिंह चौहान ऐसे बहुत से दिग्गजों ने अपनी जान न्योछावर की थी.
गृह मंत्री शाह ने कहा कि एक तरफ निजाम की क्रूर फौजें थी, प्रजाकार थे, इन सबके साथ लड़ाई लड़कर आज यह हिस्सा भारत के साथ जुड़ा है. ऐसे में उनका सर्वोच्च बलिदान हम नहीं भूल पाएंगे. गृहमंत्री शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के जन्मदिन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी जी आजादी के बाद देश में ऐसे पहले मुख्यमंत्री (Chief Minister) थे जिन्होंने जलवायु परिवर्तन पर ध्यान दिया और दुनिया में भी उस वक्त बहुत कम लोगों ने इस दिशा की तरफ ध्यान दिया था. उन्होंने जलवायु परिवर्तन विभाग को सरकार के भीतर प्रस्तावित करने का काम किया था.
उन्होंने कहा जलवायु परिवर्तन को संभालने के लिए एक संस्थागत व्यवस्था की शुरुआत मोदी जी ने की थी. आज उन्हीं के जन्मदिन के अवसर पर हम 1 करोड़ पेड़ लगा रहे हैं. उन्होंने कहा सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) ने जवानों के बलिदान से देश पूरी तरह से सुरक्षित है. सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) ने ही सबसे पहले दुश्मनों को चुनौती दी थी. उन्होंने कहा सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) ने हर मोर्चे पर अपनी जिम्मेदारी निभाई है. उन्होंने कहा सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) के 2000 से ज्यादा जवानों ने जो बलिदान दिया इसी के कारण हमारा देश सुरक्षित है और उसकी आंतरिक सुरक्षा मजबूत है. हर मोर्चे पर दुश्मनों को सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) ने चुनौती दी है.
उन्होंने कहा कि पहले देश के सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, फिर आतंरिक सुरक्षा और फिर दंगे रोकने की जिम्मेदारी आई. इसके बाद वामपंथी उग्रवादियों के सामने लड़ने की जिम्मेदारी आई इत्यादि में उन्होंने हर अपेक्षाओं में खरे उतरे हैं. उन्होंने कहा कि हम सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) के बिना तो आंतरिक सुरक्षा की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. हमें उनके त्याग, बलिदान और समर्पण पर गर्व है.

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