अधीर रंजन चौधरी ने सीएम ममता बनर्जी को लिखा पत्र, रमजान-ईद पर विशेष व्यवस्थाओं की मांग

कोलकाता, 17 फरवरी . कांग्रेस नेता और पूर्व Lok Sabha सदस्य अधीर रंजन चौधरी ने Tuesday को Chief Minister ममता बनर्जी को पत्र लिखकर रमजान और ईद के अवसर पर विशेष सार्वजनिक व्यवस्थाएं करने की मांग की.

पत्र में चौधरी ने कहा कि रमजान और ईद का मुस्लिम समुदाय के लिए गहरा धार्मिक और सामाजिक महत्व है. इस पृष्ठभूमि में उन्होंने कई जनहित प्रस्ताव रखे. इनमें राशन दुकानों पर चावल, दाल, चीनी, खजूर और अन्य आवश्यक वस्तुओं की विशेष आपूर्ति या रियायती दर पर उपलब्धता सुनिश्चित करने, बाजार में फलों और जरूरी वस्तुओं की कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी रोकने और नियमित बाजार निगरानी के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने की मांग शामिल है.

उन्होंने यह भी कहा कि इफ्तार और सेहरी के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और खासतौर पर सुबह तड़के सेहरी के दौरान स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जाए. चौधरी ने ईद से कम से कम दो सप्ताह पहले अतिरिक्त ट्रेन और Governmentी बस चलाने का सुझाव दिया, ताकि यात्रियों को लंबी दूरी तय करने में असुविधा न हो.

उन्होंने पत्र में यह भी प्रस्ताव रखा कि जिस सप्ताह ईद की नमाज हो, उस सप्ताह महत्वपूर्ण परीक्षाएं निर्धारित न की जाएं, ताकि दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों को कठिनाई का सामना न करना पड़े. उन्होंने रोजा रखने वाले कर्मचारियों की सुविधा के लिए कार्यालय समय में अस्थायी बदलाव करने का सुझाव भी दिया.

चौधरी ने ईद के अवसर पर न्यूनतम तीन दिन का Governmentी अवकाश घोषित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि ईद से एक दिन पहले और एक दिन बाद भी छुट्टी दी जाए तो दूर-दराज में काम करने वाले लोग अपने परिवार के साथ ईद मना सकेंगे. इससे पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे, सामाजिक सद्भाव बढ़ेगा और लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

अधीर रंजन चौधरी ने लिखा कि रमजान केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि संयम, करुणा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है. इस समय Government की जिम्मेदारी है कि लोगों की दैनिक जरूरतों और धार्मिक आस्थाओं को बिना किसी बाधा के पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं.

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके प्रस्ताव किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं हैं, बल्कि त्योहार के समय नागरिक सहयोग और प्रशासनिक संवेदनशीलता का प्रतीक हैं. जिस तरह अन्य बड़े त्योहारों पर Government विशेष व्यवस्थाएं करती है, उसी तरह रमजान और ईद के दौरान भी ऐसे कदम उठाने से सामाजिक सद्भाव और न्याय की भावना ज्यादा मजबूत होगी.

वीकेयू/एबीएम

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