अडाणी टोटल गैस ने देश में एलएनजी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए आईनोक्स के साथ किया समझौता

अहमदाबाद, 5 फरवरी . देश की अग्रणी शहरी गैस वितरण कंपनी अडाणी टोटल गैस लिमिटेड (एटीजीएल) और दुनिया की अग्रणी क्रायोजेनिक तरल भंडारण कंपनी आईनॉक्स इंडिया लिमिटेड ने एलएनजी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता किया है.

दोनों प्रमुख कंपनियों ने एक आपसी सहयोग समझौता किया है, जिसके तहत एटीजीएल और आईनोक्स मिलकर एलएनजी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए संभावित सहयोग के अवसरों की पहचान करेगी और एलएनजी तथा एलसीएनजी उपकरण और सेवाओं की डिलीवरी के लिए एक-दूसरे को पारस्परिक रूप से “पसंदीदा भागीदार” का दर्जा देंगी.

“पसंदीदा भागीदार” के रूप में, एटीजीएल को कुछ अंतर्निहित परियोजना स्तर के लाभ होंगे, जिसमें एटीजीएल को तरजीह और उन्नत शेड्यूलिंग तक पहुंच, तथा एलएनजी/एलसीएनजी स्टेशन, एलएनजी सेटेलाइट स्टेशन स्थापित करने, परिवहन ईंधन के रूप में एलएनजी में परिवर्तन के लिए सहयोगी अवसरों पर विचार, एलएनजी लॉजिस्टिक्स और उद्योग के लिए छोटे पैमाने पर तरल हाइड्रोजन समाधान विकसित करना शामिल है.

आपसी सहयोग समझौते में छोटे पैमाने के एलएनजी संयंत्रों, एलएनजी स्टेशनों सहित एलएनजी के बुनियादी ढांचे को विकसित करने, भारी वाहनों के एलएनजी संस्करण में रूपांतरण के लिए बड़े पैमाने से कम होने वाली लागत सुनिश्चित करने, एचएसई के लिए सर्वोत्तम प्रथाएँ विकसित करने के लिए दोनों पक्षों की विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए आपसी भूमिका और दायित्व, ईंधन दक्षता, उच्च गुणवत्ता रूपांतरण और सेवाएँ शामिल हैं.

एटीजीएल के कार्यकारी निदेशक और सीईओ सुरेश पी. मंगलानी ने सहयोग के बारे में बताने हुए कहा: “वायु प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन बढ़ रहा है. तेजी से औद्योगिक विकास और माल के परिवहन के लिए भारी वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि के साथ आगे चुनौतियां और भी विकराल हो जाएंगी. आईनोक्स के साथ यह साझेदारी एटीजीएल को लंबी दूरी के भारी वाहनों और वर्तमान में डीजल का उपयोग करने वाली बसों को एलएनजी में बदलने में मदद करेगी, जिससे सीओ2 और ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन में 30 प्रतिशत से अधिक की कमी लाने में मदद मिलेगी. एटीजीएल परिवहन ईंधन के रूप में एलएनजी को अपनाने के लिए बेड़े ऑपरेटरों के विश्वास को बढ़ाने के लिए देश भर में एलएनजी स्टेशनों की तेजी से स्थापना भी की जाएगी.”

आईनोक्स के प्रवर्तक और गैर-कार्यकारी निदेशक सिद्धार्थ जैन ने कहा: “हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ने के लिए तैयार है. ऐसे में यह जरूरी है कि हम यह सुनिश्चित करने पर भी ध्यान केंद्रित करें कि परिवर्तन टिकाऊ हो. इसलिए, हम एटीजीएल के साथ अपने सहयोग को लेकर उत्साहित हैं जो एलएनजी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और परिवहन ईंधन के रूप में एलएनजी का निर्माण और प्रचार करने पर ध्यान देगा. दोनों पक्षों की विशेषज्ञता और पैमाने द्वारा समर्थित हमारी संयुक्त सहक्रियाएं वास्तव में उत्सर्जन को कम करने में अर्थव्यवस्था में हितधारकों को लाभान्वित करेंगी और हरित परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगी.”

एक बयान में कहा गया है कि विशेष रूप से 33 भौगोलिक क्षेत्रों में अधिकृत एटीजीएल अपने ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने के देश के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

एकेजे/

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