अदाणी स्किल्स एंड एजुकेशन ने लॉन्च किया वर्क-स्टडी डिप्लोमा प्रोग्राम

Ahmedabad, 29 अगस्त . अदाणी ग्रुप की कौशल विकास इकाई अदाणी स्किल्स एंड एजुकेशन ने Friday को वर्क-स्टडी डिप्लोमा प्रोग्राम “कर्म शिक्षा” शुरू किया.

इस प्रोग्राम को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) के तहत चलाया जाएगा.

कर्म शिक्षा को कक्षा 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण छात्रों (सभी स्ट्रीम) के साथ-साथ पूरे भारत के आईटीआई स्नातकों को उद्योग-एकीकृत और नौकरी के लिए तैयार शिक्षा प्रदान करके सशक्त बनाने के लिए डिजाइन किया गया है.

अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने कहा, “कर्म शिक्षा के साथ, हम उन्हें न केवल शिक्षा प्रदान करने के लिए, बल्कि व्यावहारिक कौशल प्रदान करने के लिए एक परिवर्तनकारी कदम उठा रहे हैं जो अवसरों के रास्ते को खोलेगा.”

उद्योगपति ने कहा, “यह पहल हमारी सोच “हम करके दिखाते हैं” को मूर्त रूप देती है जिसमें इरादे को कार्य में बदलना, विजन को वास्तविकता में बदलना और एक नई पीढ़ी को विकसित भारत के निर्माण में सार्थक योगदान देने के लिए सशक्त बनाना शामिल हैं.”

बंदरगाह प्रबंधन और रसद प्रबंधन में दो वर्षीय वर्क-स्टडी डिप्लोमा उद्योग-एकीकृत शिक्षा के माध्यम से बहु-क्षेत्रीय अनुभव प्रदान करता है.

यह अदाणी समूह के प्रमुख क्षेत्रों बंदरगाह, बिजली, सौर ऊर्जा निर्माण, हरित ऊर्जा और रसद में कक्षा-आधारित शिक्षा को व्यावहारिक उद्योग अनुभव के साथ भी जोड़ता है.

इस कार्यक्रम के लिए छात्रों का चयन पूरे भारत से राष्ट्रीय स्तर की योग्यता के आधार पर किया जाएगा.

इस प्रोग्राम में छात्रों के समर्थन करने के लिए एक आकर्षक वजीफा भी प्रदान किया जाएगा.

कर्म शिक्षा में छात्रों को सीखने के साथ कमाने मॉडल का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी शिक्षा के दौरान वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी.

यह डिप्लोमा राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है और रोजगार के साथ-साथ उच्च अध्ययन के लिए सीधे रास्ते प्रदान करता है, जिससे छात्रों को स्थायी, दीर्घकालिक करियर बनाने में मदद मिलती है.

अदाणी स्किल्स एंड एजुकेशन के सीईओ रॉबिन भौमिक ने कहा, “कर्म शिक्षा एक डिप्लोमा से कहीं बढ़कर है. यह अवसरों का द्वार है. स्किल2एम्प्लॉय को अपना मार्गदर्शक ढांचा बनाकर, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक कौशल रोजगार की ओर ले जाए और प्रत्येक शिक्षार्थी भारत की विकास गाथा में योगदानकर्ता बने. शैक्षणिक गतिविधियों को कार्यस्थल पर सीखने के साथ एकीकृत करके, हम भविष्य के लिए तैयार भारत के लिए उद्योग-तैयार पेशेवरों की एक मजबूत श्रृंखला तैयार कर रहे हैं.”

एबीएस/